CBSE Class 7 Sanskrit Notes | कक्षा 7 के लिए संस्कृत नोट्स

Studying from CBSE Class 7 Sanskrit Notes helps students to prepare for the exam in a well-structured and organised way. Making NCERT Sanskrit Notes for Class 7 saves students time during revision as they don’t have to go through the entire textbook. In CBSE Notes, students find the summary of the complete chapters in a short and concise way. Students can refer to the NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit (Ruchira Bhag 2), to get the answers to the exercise questions.

NCERT Sanskrit Notes for Class 7

  1. सुभाषितानि Class 7 Notes
  2. दुर्बुद्धि विनश्यति Class 7 Notes
  3. स्वावलम्बनम् Class 7 Notes
  4. हास्यबालकविसम्मेलनम् Class 7 Notes
  5. पण्डिता रमाबाई Class 7 Notes
  6. सदाचारः Class 7 Notes
  7. सड.कल्पः सिद्धिदायकः Class 7 Notes
  8. त्रिवर्णः ध्वजः Class 7 Notes
  9. अहमपि विद्यालयं गमिष्यामि Class 7 Notes
  10. विश्वबंधुत्वम् Class 7 Notes
  11. समवायो हि दुर्जयः Class 7 Notes
  12. विद्याधनम् Class 7 Notes
  13. अमृतं संस्कृतम् Class 7 Notes
  14. अनारिकायाः जिज्ञासा Class 7 Notes
  15. लालनगीतम् Class 7 Notes

We hope students have found these CBSE Class 7 Sanskrit Notes useful for their studies. If you have any queries related to NCERT Sanskrit Notes for Class 7, drop your questions below in the comment box.

Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions शब्द-विचार:

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Sanskrit Vyakaran Class 7 Solutions शब्द-विचार:

हम सीख चुके हैं कि वर्गों के सार्थक मेल से शब्द बनते हैं। वाक्य में प्रयोग में आने वाले शब्दों को पद कहते हैं। यथा- ‘राम’ शब्द है; ‘रामः गच्छति’ वाक्य में ‘रामः’ पद है।
शब्द दो प्रकार के होते हैं।

  1. विकारी
  2. अविकारी

1. विकारी शब्द – इसके अन्तर्गत संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण तथा क्रिया पद आते हैं। इन्हें विकारी (परिवर्तनशील) इसलिए कहते हैं क्योंकि वाक्य प्रयोग के समय इनमें विभक्ति, वचन, लिङ्ग आदि के कारण परिवर्तन (Change) आ जाता है।
संज्ञापद – रामः, लता, फल आदि
सर्वनामपद – तत्, एतत्, किम् आदि
विशेषणपद- विशाल, सुन्दर, दीर्घ, एक, द्वि, आदि
क्रियापद भी इसी श्रेणी में आते हैं। प्रत्येक क्रियापद धातु से बनता है। यथा गच्छति, अगच्छत्, गच्छतु, गमिष्यति आदि गम् धातु से बने हैं। क्रियापद में भी काल, पुरुष व वचन के कारण परिवर्तन (Change) आ जाता है।

2. अविकारी शब्द-वे शब्द जिनमें लिङ्ग, पुरुष, वचन, काल आदि के कारण कोई परिवर्तन नहीं आता है वे अविकारी शब्द कहलाते हैं। अव्यय पद- कुत्र, यत्र, तत्र, कदा, च, न इत्यादि इसी श्रेणी में आते हैं।

लिङ्ग (Gender) – संस्कृत भाषा में शब्दों को तीन लिङ्गों में विभक्त किया गया है-

(क) पुंल्लिङ्ग (Masculine Gender) – जिस शब्द से पुरुष जाति का बोध होता है, वह ‘पुंल्लिङ्ग’ कहलाता है; जैसे- बालकः, देवः, नरः, वानरः, खगः, अरुणः।

(ख) स्त्रीलिङ्ग (Feminine Gender) – जिस शब्द से स्त्री जाति का बोध होता है, वह ‘स्त्रीलिङ्ग’ कहलाता है; जैसे-बालिका, नदी, लता, चटका, रमा, मतिः, बुद्धिः आदि।

(ग) नपुंसकलिङ्ग (Neuter Gender) – जिन शब्दों से न पुरुष जाति अथवा न स्त्री जाति का बोध होता है, वे ‘नपुंसकलिङ्ग’ कहलाते हैं; जैसे- पुस्तकम्, फलम्, मित्रम्, पत्रम्, क्षेत्रम् आदि।

वचन (Number) – शब्द के जिस रूप से किसी वस्तु विशेष के एक या दो या अधिक होने का बोध होता है ‘वचन’ कहलाता हैं। संस्कृत भाषा में ‘वचन’ के तीन भेद हैं-
1. एकवचन (Singular) – एक वस्तु अथवा व्यक्ति का बोध कराता है- नरः, देवः, फलम्, बालकः, कन्या, लता आदि।
2. द्विवचन (Dual) – दो व्यक्तियों अथवा वस्तुओं का बोध कराता है-नरौ, देवौ, फले, बालकौ, कन्ये, लते आदि।
3. बहुवचन (Plural) – तीन या उससे अधिक के लिए-नराः, देवाः, फलानि, बालकाः, कन्याः, लता आदि।
संज्ञापद, सर्वनामपद तथा विशेषण पदों के अतिरिक्त क्रिया पदों में भी तीनों वचनों का प्रयोग होता है। यथा- पठति, पठतः, पठन्ति इत्यादि।

पुरुष (Person) – संस्कृत भाषा में पुरुष तीन होते हैं-
(क) प्रथम पुरुष (Third Person)
(ख) मध्यम पुरुष (Second Person)
(ग) उत्तम पुरुष (First Person)

(क) प्रथम पुरुष (Third Person) – जिसके विषय में बात की जाती है, वह ‘प्रथम पुरुष’ कहलाता है। संस्कृत भाषा में प्रथम पुरुष के तीनों लिङ्गों में भिन्न रूप होते हैं।

पुंल्लिङ्ग (Masculine) – सः (वह) – तौ (वे दोनों) – ते (वे सब)
स्त्रीलिङ्ग (Feminine) – सा (वह) – ते (वे दोनों) – ताः (वे सब)
नपुंसकलिङ्ग (Neuter) – तत् (वह) – ते (वे दोनों) – तानि (वे सब)

सर्वनाम के स्थान पर जातिवाचक अथवा व्यक्तिवाचक संज्ञा का प्रयोग भी प्रथम पुरुष में होता है। यथा-
पुंल्लिङ्ग (Masculine) – बालक: – बालको – बालकाः
स्त्रीलिङ्ग (Feminine) – बालिका – बालिके – बालिकाः
नपुंसकलिङ्ग (Neuter) – पुस्तकम् – पुस्तके – पुस्तकानि

(ख) मध्यम पुरुष (Second Person) – जिससे सीधी वार्ता होती है, अथवा बात करते समय जो हमारे सामने रहकर हमारी (वक्ता की) बातें सुनता है वह ‘मध्यम’ पुरुष कहलाता है। ये शब्द तीनों लिंगों में समान होते हैं।
त्वम् (तू/ तुम)
युवाम् (तुम दोनों)
यूयम् (तुम सब)

(ग) उत्तम पुरुष (First Person) – जिस शब्द को व्यक्ति या वक्ता स्वयं अपने लिए प्रयोग करता है, वह ‘उत्तम पुरुष’ कहलाता है। ये शब्द तीनों लिंगों में समान होते हैं।
अहम् (मैं)
आवाम् (हम दोनों)
वयम् (हम सब)

अभ्यासः

1. अधोदत्तेषु वाक्येषु अव्ययपदानि चिनुत- (निम्नलिखित वाक्यों में अव्ययपद चुनिए- Pick out the Indeclinable in the sentences given below.)
1. त्वम् अधुना कुत्र गच्छसि?
2. ईश्वरः सर्वत्र अस्ति।
3. यदा सूर्यः अस्तं गच्छति तदा अन्धकारः भवति।
4. वृक्षस्य उपरि खगः उपविशति।
5. परिश्रमं विना कार्यसिद्धिः न भवति।
6. पीयूषः तन्मयः वा गच्छतु।
7. रामः, सीता लक्ष्मणः च वनम् अगच्छन्।
उत्तरम्-
1. अधुना
2. सर्वत्र
3. यदा, तदा
4. उपरि
5. विना
6. वा
7. च

2. अधोदत्तेषु वाक्येषु संज्ञापदानि विशेषणपदानि च चिनुत- (निम्नलिखित वाक्यों में संज्ञापद तथा विशेषणपद चुनिए- Pick out the nouns and adjectives in the following sentences.)
1. एतत् उद्यानम् रमणीयम् अस्ति।
2. योग्यः छात्रः पारितोषिकं लभते।
3. धेनुः मधुरं दुग्धं यच्छति।
4. वयं स्वच्छं जलं पिबेम।
5. विशालं भवनं दृष्ट्वा ते चकिताः अभवन्।
उत्तरम्-
संज्ञापदानि (Nouns)
1. उद्यानम्
2. छात्रः, पारितोषिकम्
3. जलम्
4. धेनुः, दुग्धम्
5. भवनम्

विशेषणपदानि (Adjectives)
1. रमणीयम्
2. योग्यः
3. स्वच्छम्
4. मधुरम्
5. विशालम्

3. अधोदत्तेषु वाक्येषु सर्वनाम पदानि क्रियापदानि च चिनुत- (निम्नलिखित वाक्यों में सर्वनाम तथा क्रियापद चुनिए- Pick out the pronouns and verbs in the following sentences.)
1. ते विद्यालयम् अगच्छन्।
2. वयम् शोभनानि पुस्तकानि पठामः।
3. तौ उच्चैः हसतः।
4. युवाम् सावधानं पठथः।
5. आवाम् चलचित्रं द्रक्ष्यावः।
उत्तरम्-
सर्वनामपदानि (Pronouns)
1. ते
2. वयम्
3. तौ
4. युवाम्
5. आवाम्

क्रियापदानि (Verbs)
1. अगच्छन्
2. पठामः
3. हसतः
4. पठथः
5. द्रक्ष्याव:

4. एकवचन-द्विवचन-बहुवचन-पदानि पृथक् कृत्वा उचिते स्तम्भे लिखत- (एकवचन द्विवचन व बहुवचन पद पृथक् करके उचित स्तम्भ में लिखिए- Separate the words in singular, Dual and Plural and put them in the appropriate column.)
(क) नमामि, धावन्ति, हसतः, खादसि, गच्छतः, द्रक्ष्यामः, अगच्छन्, खेलथः, नमन्ति, अपठम्, पठिष्यति, अपठाव।
उत्तरम्-
Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions शब्द-विचार Q4

(ख) बालौ, देवताः, नराः, रामेण, बालकाभ्याम्, कविना, पशूनाम्, बालकयोः, बालकस्य, तौ, तस्मै , तेषाम्।
उत्तरम्-
Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions शब्द-विचार Q4.1

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 5 पण्डिता रमाबाई

We have given detailed NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Ruchira Chapter 5 पण्डिता रमाबाई Questions and Answers come in handy for quickly completing your homework.

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Ruchira Chapter 5 पण्डिता रमाबाई

Class 7 Sanskrit Chapter 5 पण्डिता रमाबाई Textbook Questions and Answers

प्रश्न: 1.
एकपदेन उत्तरत- (एक शब्द में उत्तर दीजिए- Answer in one word.)

(क) ‘पण्डिता’ ‘सरस्वती’ इति उपाधिभ्यां का विभूषिता?
उत्तराणि:
रमाबाई

(ख) रमा कुतः संस्कृतशिक्षा प्राप्तवती? ।
उत्तराणि:
स्वमातुः

(ग) रमाबाई केन सह विवाहम् अकरोत् ?
उत्तराणि:
विपिनबिहारीदासेन

(घ) कासां शिक्षायै रमाबाई स्वकीयं जीवनम् अर्पितवती?
उत्तराणि:
नारीणाम्

(ङ) रमाबाई उच्चशिक्षार्थं कुत्र अगच्छत् ?
उत्तराणि:
इंग्लैण्डदेशम्।

प्रश्न: 2.
रेखाङ्कितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत- (रेखांकित पदों के आधार पर प्रश्न निर्माण कीजिए – Frame questions based on the underlined words.)

(क) रमायाः पिता समाजस्य प्रतारणाम् असहत।
उत्तराणि:
कस्याः पिता समाजस्य प्रतारणाम् असहत?

(ख) पत्युः मरणानन्तरं रमाबाई महाराष्ट्र प्रत्यागच्छत्।
उत्तराणि:
कस्य मरणानन्तरं रमाबाई महाराष्ट्र प्रत्यागच्छत् ?

(ग) रमाबाई मुम्बईनगरे ‘शारदा-सदनम्’ अस्थापयत्।
उत्तराणि:
रमाबाई कुत्र ‘शारदा-सदनम्’ अस्थापयत् ?

(घ) 1922 तमे ख्रिष्टाब्दे रमाबाई-महोदयायाः निधनम् अभवत्।
उत्तराणि:
1922 तमे ख्रिष्टाब्दे कस्याः निधनम् अभवत् ?

(ङ) स्त्रियः शिक्षां लभन्ते स्म।
उत्तराणि:
काः शिक्षां लभन्ते स्म?

प्रश्न: 3.
प्रश्नानामुत्तराणि लिखत- (प्रश्नों के उत्तर लिखिए- Write answers to the questions.)

(क) रमाबाई किमर्थम् आन्दोलनं प्रारब्धवती?
उत्तराणि:
रमाबाई बालिकानां स्त्रीणां च कृते संस्कृतस्य वेदशास्त्रादिकस्य च शिक्षायै आन्दोलनं प्रारब्धवती।

(ख) निस्सहायाः स्त्रियः आश्रमे किं लभन्ते स्म?
उत्तराणि:
निस्सहायाः स्त्रियः आश्रमे मुद्रण-टङ्कण-काष्ठकलादीनां च प्रशिक्षणम् लभन्ते स्म।।

(ग) कस्मिन् विषये रमाबाई-महोदयायाः योगदानम् अस्ति? ।
उत्तराणि:
लेखनक्षेत्र-विषये रमाबाई-महोदयायाः योगदानम् अस्ति।

(घ) केन रचनाद्वयेन रमाबाई प्रशंसिता वर्तते?
उत्तराणि:
‘स्त्रीधर्म नीति’ ‘हाई कास्ट हिन्दू विमेन’ इति रचनाद्वयेन रमाबाई प्रशंसिता वर्तते ।

प्रश्न: 4.
अधोलिखितानां पदानां निर्देशानुसारं पदपरिचयं लिखत- (निम्नलिखित शब्दों के निर्देश के अनुसार पद-परिचय लिखिए- Write the gender, inflexion and number of words given below.)

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 5 पण्डिता रमाबाई 1
उत्तराणि:
NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 5 पण्डिता रमाबाई 2

प्रश्नः 5.
अधोलिखितानां धातूनां लकारं पुरुषं वचनञ्च लिखत- (निम्नलिखित शब्दों के धातु, लकार, पुरुष और वचन लिखिए- Write the complete form of roots of words given below.)

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 5 पण्डिता रमाबाई 3
उत्तराणि:
NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 5 पण्डिता रमाबाई 4

प्रश्न: 6.
अधोलिखितानि वाक्यानि घटनाक्रमानुसारं लिखत। (निम्नलिखित वाक्यों को घटना के क्रम के अनुसार लिखिए।) (Rewrite the sentences in the order of events as they took place.)

(क) रमाबाई-महोदयायाः विपिनबिहारीदासेन सह विवाहः अभवत्।
उत्तराणि:
1858 तमे ख्रिष्टाब्दे रमाबाई जन्म अलभत।

(ख) 1858 तमे ख्रिष्टाब्दे रमाबाई जन्म अलभत।
उत्तराणि:
सा स्वमातुः संस्कृतशिक्षा प्राप्तवती।

(ग) सा उच्चशिक्षार्थम् इंग्लैण्डदेशं गतवती।
उत्तराणि:
रमाबाई-महोदयायाः विपिनबिहारीदासेन सह विवाहः अभवत् ।

(घ) 1922 तमे ख्रिष्टाब्दे रमाबाई-महोदयायाः निधनम् अभवत्।
उत्तराणि:
सा उच्चशिक्षार्थम् इंग्लैण्डदेशं गतवती।

(ङ) सा मुम्बईनगरे शारदा-सदनम् अस्थापयत्।
उत्तराणि:
सा मुम्बईनगरे शारदा-सदनम् अस्थापयत्।

(च) सा स्वमातुः संस्कृतशिक्षा प्राप्तवती।
उत्तराणि:
1922 तमे ख्रिष्टाब्दे रमाबाई-महोदयायाः निधनम् अभवत्।

Class 7 Sanskrit Chapter 4 हास्यबालकविसम्मेलनम् Additional Important Questions and Answers

(1) एकपदेन उत्तरत- (एक पद में उत्तर दीजिए- Answer in one word.)

(i) पण्डिता रमाबाई किमर्थम् इंग्लैण्ड-देशम् अगच्छत्?
उत्तराणि:
उच्चशिक्षार्थम्

(ii) मुम्बई-नगरे सा किम् अस्थापयत्?
उत्तराणि:
शारदा-सदनम्

(iii) रमा स्वमातुः किं प्राप्तवती?
उत्तराणि:
संस्कृत-शिक्षणम्

(iv) ब्रह्मसमाजेन प्रभाविता सा किम् अकरोत्?
उत्तराणि:
वेदाध्ययनम्

(v) समाजसेवायाः अतिरिक्तं कस्मिन् क्षेत्रे रमाबाई-महोदयायाः योगदानम् अस्ति?
उत्तराणि:
लेखन-क्षेत्रे

(2) एकवाक्येन उत्तरत- (एक वाक्य में उत्तर दीजिए Answer in a sentence.)

(i) रमाबाई किमर्थं जीवनम् अर्पितवती?
उत्तराणि:
नारीणां सम्मानाय शिक्षायै च रमाबाई स्व-जीवनम् अर्पितवती।

(ii) सा कासु निपुणा आसीत्?
उत्तराणि:
सा देश-विदेशानाम् अनेकासु भाषासु निपुणा आसीत्।

(iii) रमायाः पिता डोंगरे किमर्थं समाजस्य प्रतारणाम् सहते स्म?
उत्तराणि:
रमायाः पिता डोगरे रूढिबद्धां धारणां परित्यज्य स्वपत्नी संस्कृतम् अशिक्षयत्; एतदर्थं सः समाजस्य प्रतारणां सहते स्म।

(iv) तस्याः किं रचनाद्वयं प्रसिद्धम्?
उत्तराणि:
रमाबाई-महोदयायाः ‘स्त्रीधर्म-नीति’ ‘हाई कास्ट हिन्दू विमेन’ इति रचनाद्धयम प्रसिद्धम् अस्ति ।

(3) अधोदत्तानि वाक्यानि घटनाक्रमानुसारेण संयोजयत- (निम्नलिखित वाक्यों को घटना क्रम के अनुसार लगाइए- Arrange the following sentences according to the order of events as they take place)

(i) सा पादाभ्याम् सकलं भारतम् अभ्रमत्।
उत्तराणि:
पण्डिता रमाबाई 1858 तमे ख्रिष्टाब्दे जन्म अलभत।

(ii) ब्रह्मसमाजेन प्रभाविता सा वेदाध्ययनम् अकरोत्।
उत्तराणि:
तस्याः माता पुत्रीं संस्कृतम् अशिक्षयत्।

(iii) पण्डिता रमाबाई 1858 तमे ख्रिष्टाब्दे जन्म अलमत।
उत्तराणि:
सा पादाभ्याम् सकलं भारतम् अभ्रमत्।

(iv) सा मुम्बईनगरे ‘शारदा-सदनम्’ अस्थापयत्।
उत्तराणि:
ब्रह्मसमाजेन प्रभाविता सा वेदाध्ययनम् अकरोत्।

(v) नारीणां सम्मानाय शिक्षायै च सा स्वजीवनम् अर्पितवती।
उत्तराणि:
नारीणां सम्मानाय शिक्षायै च सा स्वजीवनम् अर्पितवती।

(vi) 1922 तमे खिष्टाब्दे तस्याः निधनम् अभवत्।
उत्तराणि:
सा मुम्बईनगरे ‘शारदा-सदनम्’ अस्थापयत्।

(vii) अस्मिन् आश्रमे निःसहायाः स्त्रियः वसन्ति स्म।
उत्तराणि:
अस्मिन् आश्रमे नि:सहायाः स्त्रियः वसन्ति स्म।

(viii) तस्याः माता पुत्रीं संस्कृतम् अशिक्षयत्।
उत्तराणि:
1922 तमे खिष्टाब्दे तस्याः निधनम् अभवत्।

(4) मञ्जूषातः समानार्थकम् पदं चित्वा रिक्तस्थाने लिखत- (मञ्जूषा से समानार्थक शब्द चुनकर रिक्त स्थान में लिखिए- Pick out the synonym from the box and write in the blanks)

शोचनीया, अशिक्षयत्, धन-संग्रहः, पश्चात्, निःसहायाः

(i) निराश्रयाः – ……………
(ii) चिन्तनीया – ……………
(iii) अर्थसञ्चयः – ……………
(iv) अध्यापयत् – ……………
(v) अनन्तरम् – ……………
उत्तराणि:
(i) निराश्रयाः – नि:सहायाः
(ii) चिन्तनीया – शोचनीया
(iii) अर्थसञ्चयः – धनसंग्रहः
(iv) अध्यापयत् – अशिक्षयत्
(v) अनन्तरम् – पश्चात्

(5) अधोदत्तं वाक्यं पठत प्रत्येकं पदपरिचयं च यच्छत- (निम्नलिखित वाक्यों को पढ़िए और प्रत्येक पद का परिचय दीजिए- Read the sentence given below and give grammatical details of each word.)

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 5 पण्डिता रमाबाई 5
उत्तराणि:
NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 5 पण्डिता रमाबाई 6

(1) रेखांकितपदम् आधृत्य प्रश्न-निर्माणं कुरुत- (रेखांकित पद के आधार पर प्रश्न निर्माण कीजिए- Frame questions on the basis of words underlined)

(i) अत्र निराश्रिताः स्त्रियः ससम्मानं जीवनं यापयन्ति। (कः, के, काः)
उत्तराणि:
अत्र निराश्रिताः काः ससम्मानं जीवनं यापयन्ति।

(ii) रमाबाई उच्चशिक्षार्थ इंग्लैण्डदेशं गतवती। (कस्मै, कुत्र, किमर्थम्)
उत्तराणि:
रमाबाई किमर्थम् इंग्लैण्डदेशं गतवती।

(iii) रमाबाई 1858 तमे ख्रिष्टाब्दे जन्म अलभत। (कस्मिन्, कुत्र, कदा)
उत्तराणि:
रमाबाई कदा जन्म अलभत।

(iv) डोंगरे स्वपत्नीम् संस्कृतम् अध्यापयत्। (कम्, किम्, काम्)
उत्तराणि:
डोंगरे काम् संस्कृतम् अध्यापयत्।

(v) कालक्रमेण रमायाः पिता विपन्नः सञ्जातः। (कस्य, कया, कस्याः )
उत्तराणि:
कालक्रमेण कस्याः पिता विपन्नः सञ्जातः।

(2) अधोदत्तं वाक्यं पठित्वा प्रश्नानुसारेण शुद्धम् उत्तरम् कोष्ठाकात् चिनुत-(निम्नलिखित वाक्य पढ़कर प्रश्नानुसार कोष्ठक से शुद्ध उत्तर चुनिए- Read the sentences given below and pick out the correct answer from the bracket.)

तदनन्तरं रमा स्व-ज्येष्ठ भ्रात्रा सह पद्भ्याम् समग्रं भारतम् अभ्रमत्।

(i) ‘अभ्रमत्’-क्रियापदस्य कः कर्ता? (रमा, भारतम्, तदनन्तरम्)
उत्तराणि:
रमा

(ii) ‘स्वज्येष्ठ-भ्रात्रा सह’ अत्र सह योगे का विभक्तिः ? (प्रथमा, तृतीया, षष्ठी)
उत्तराणि:
तृतीया

(iii) ‘समग्रम् भारतम्’-अत्र विशेषणपदम् किम्? (समग्रम्, भारतम्)
उत्तराणि:
समग्रम्

(iv) ‘पद्भ्याम्’ – एतस्य पदस्य अर्थः कः? (पादैः, पादेन, पादाभ्याम्)
उत्तराणि:
पादाभ्याम्

(v) ‘तदनन्तरम्’ अस्य विच्छेदः कः? (तदनन्तरम्, तदनम्+तरम्, तत्+अनन्तरम्)
उत्तराणि:
तत्+अनन्तरम्।

Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions वर्णविचारः

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Sanskrit Vyakaran Class 7 Solutions वर्णविचारः

वर्णाः (वर्ण : Letters)
भाव-अभिव्यक्ति का प्रमुख एवं मूल साधन भाषा (Language) होती है। भाषा की सबसे छोटी इकाई को वर्ण या अक्षर (letter) कहते हैं। वर्ण वह ध्वनि होती है, जिसके टुकड़े नहीं किए जा सकते हैं। उदाहरणार्थ-अ, इ, उ, क्, च्, ट्, त्, प् इत्यादि।
संस्कृत भाषा में अब अड़तालीस (48) वर्गों का प्रयोग होता है। वर्ण मुख्यतया तीन भागों में विभक्त हैं-

  1. स्वर
  2. व्यंजन
  3. अयोगवाह

1. स्वर = अच् (Vowels) – स्वर वे ध्वनियाँ हैं, जो स्वयं ही उच्चारण किए जाते हैं अर्थात् जिनका उच्चारण अन्य ध्वनियों की सहायता के बिना किया जा सकता है। स्वरों का उच्चारण स्वतन्त्र रूप से होता है। स्वरों की संख्या 13 है।

(क) ह्रस्व स्वर (Short Vowels): ह्रस्व स्वरों के उच्चारण में एक मात्रा का समय लगता है। इनकी संख्या पाँच है। इन पाँच स्वरों को ‘मूल स्वर’ भी कहते हैं। इनमें से ‘लु’ स्वर का प्रयोग संस्कृत में ही होता है।

(ख) दीर्घ स्वर (Long Vowels): दीर्घ स्वरों के उच्चारण में दो मात्राओं का समय लगता है अर्थात् ह्रस्व स्वर से दुगना समय लगता है। इनकी संख्या आठ है। इनमें से ए, ऐ, ओ, औ को सन्धि स्वर भी कहते हैं क्योंकि ये दो स्वरों के मेल से बनते हैं। यथा- अ + इ = ए, अ + उ = ओ, अ + ए = ऐ, अ + ओ = औ।

विशेष-प्लुत स्वर (Protracted Vowels): ह्रस्व एवं दीर्घ स्वरों के अतिरिक्त प्लुत स्वर भी होते हैं। इनके उच्चारण में तीन मात्राओं का समय लगता है। जब किसी को दूर से पुकारा जाता है अथवा अन्तिम स्वर को खींचकर बोला जाता है, तब प्लुत स्वर का प्रयोग होता है। प्लुत स्वर के लिए ‘३’ अंक का प्रयोग होता है; जैसे- ‘ओ३म्’, ‘ओ३’ इत्यादि।

2. व्यञ्जन = हल् (Consonants) – जो वर्ण दूसरे वर्ण अर्थात् स्वर की सहायता के बिना उच्चरित नहीं हो सकते हैं, उन्हें व्यञ्जन कहते हैं। वास्तव में ‘क’, ‘ख’, ‘ग’ आदि व्यञ्जनों में ‘अ’ जुड़ा है। हम सभी व्यञ्जनों का उच्चारण ‘अ’ जोड़कर ही करते हैं। यथा- क् + अ = क, ख् + अ = ख। स्वर रहित व्यञ्जन के नीचे हल् का चिह्न (्) लगाया जाता है। जैसे- व्यञ्जन-‘क’-‘अ’ रहित रूप ‘क्’-‘अ’ सहित रूप ‘क’

व्यञ्जनों का वर्गीकरण (Classification of Consonants): उच्चारण के आधार पर व्यञ्जनों को तीन भागों में बाँटा गया है-
व्यञ्जन (33)
वर्गीय व्यञ्जन (25)
क ख, ग, घ, ङ् (‘क’ वर्ग)
च, छ, ज, झ् ञ् (‘च’ वर्ग)
ट्, ठ्, ड्, द, ण, (‘ट’ वर्ग)
त्, थ्, द्, ध्, न्, (त’ वर्ग)
प्, फ्, ब्, भ, म्, (‘प’ वर्ग)

अवर्गीय व्यञ्जन (8)
अन्तस्थः (4) – य, र, ल, व्
उष्मः (4) – श्, ष, स्, ह

(क) वर्गीय व्यञ्जन (स्पर्श व्यञ्जन) (Mutes): जिन व्यञ्जनों के उच्चारण के लिए जिह्वा (tongue) मुख के विभिन्न भागों का स्पर्श करती है, उन्हें स्पर्श व्यञ्जन (Mute Consonant) कहा जाता है। ये पच्चीस व्यञ्जन वर्ण पाँच वर्गों में बँटे हुए हैं-
1. ‘क’ वर्ग – क्, ख, ग, घ, ङ्
2. ‘च’ वर्ग – च्, छ्, ज, झ, ञ्
3. ‘ट’ वर्ग – ट्, ल्, ड्, द, ण
4. ‘त’ वर्ग – त्, थ्, द्, ध्, न्
5. ‘प’ वर्ग – प्, फ, ब्, भ, म्
विशेष – सभी वर्गों के अन्तिम वर्ण-ङ्, ज्, ण, न् और म्, ‘अनुनासिक वर्ण’ कहलाते हैं।

(ख) अवर्गीय व्यञ्जन-अन्तःस्थ व्यञ्जन (Semi-vowels): जिन वर्गों के उच्चारण के लिए वायु को मुख से कम शक्ति के साथ छोड़ा जाता है, वे ‘अन्तःस्थ व्यञ्जन’ कहलाते हैं। ये चार हैं- ‘य्, र्, ल् और व्’।

(ग) अवर्गीय व्यञ्जन-उष्माणः उष्म व्यन (Sibilants): जिन वर्गों के उच्चारण के लिए मुख में जिह्वा की सहायता से घर्षण उत्पन्न होता है, वे उष्म व्यञ्जन कहलाते हैं। ये चार हैं- ‘श् ष्, स् और ह्’।

3. अयोगवाह – ये वर्ण संस्कृत भाषा में दो प्रकार के होते हैं- (क) अनुस्वार, (ख) विसर्ग।
(क) अनुस्वार – यह किसी भी स्वर के बाद प्रायः ‘न् या म्’ के स्थान पर आता है; जैसे- गृहं गच्छति। ‘गृहम्’ के ‘म्’ के स्थान पर प्रयुक्त हुआ है।
(ख) विसर्ग (:) – विसर्ग का प्रयोग स्वर के बाद पृथक् रूप में होता है; जैसे- बालकः, वृक्षः, देवः इत्यादि।

वर्ण संयोग – स्वर तथा व्यञ्जन के मेल से शब्द बनते हैं। जब कोई स्वर व्यञ्जन में जोड़ा जाता है तो मात्रा के रूप में दर्शाया जाता है। यथा- क् + उ = कु, म् + ए = मे, द् + आ = दा, र् + उ = रु इत्यादि। इसी को हम वर्ण संयोग कहते हैं। वर्णों के सार्थक मेल से शब्द बनते हैं।
यथा- व् + ऋ + ष् + भ + अ + : = वृषभः
र् + उ + द् + र् + आ + क् + ष् + अ + : = रुद्राक्षः
न् + इ + र् + म् + अ + ल् + अ + म् = निर्मलम्

वर्णविच्छेद – यह वर्ण संयोग के बिलकुल विपरीत होता है। शब्द के प्रत्येक वर्ण को पृथक् करके क्रमानुसार लिखने को वर्ण विच्छेद कहा जाता है।
यथा- क्रमानुसारम् = क् + र् + अ + म् + अ + न् + उ + स् + आ + र् + अ + म्
व्य ञ्जनम् = व् + य् + अ + ञ् + ज् + अ + न् + अ + म्।

संयुक्त व्यञ्जन – जब एक स्वररहित व्यञ्जन दूसरे व्यञ्जन से जुड़ जाता है तो संयुक्त व्यञ्जन बन जाता है। यथा-
क् + ष् = क्ष् – कक्षा, क्षमा, क्षत्रिय
ज् + ञ् = ज् – ज्ञानी, विज्ञानम्, सर्वज्ञः
द् + य् = – विद्या, विद्युत, विद्यार्थी
त् + र् = त्र् – त्रासः, कुत्र, वृत्रः
श् + र् = श्र् – विश्रामः, आश्रमः, आश्रयः
श् + ऋ् = श्रु – श्रृंखला, शृंगः, शृगारः
ह् + न् = ढ् – मध्याह्नः, चिह्नम्
ह् + र् = ढ् – हृदः, ह्रासः
स् + र् = स्त्र – त्रिस्रः, सहस्रम्
ट् + र् = ट्र – राष्ट्रम्, ट्रकम्
इस प्रकार भाषा में अनेक संयुक्त वर्ण प्रयोग में लाए जाते हैं।

अभ्यासः

प्रश्न 1.
अधोदत्तानां वर्णानां क्रमें रिक्तस्थानानि पूरयत-
(निम्नलिखित वर्गों के क्रम में रिक्त स्थान भरिए- Fill in the blanks in order of letters of the alphabet)
(क) (i) क्, च्, ___ ____ प
(ii) श् __ स् ___
(iii) य् ____ ____ व्

(ख) (i) क्, ख्, ____ ____ ____
(ii) ___ ___ ड् ___ ण्
(iii) प् फ् ___ ___ ____

(ग) (i) अ, इ, ___ ___ लृ
(ii) अ, आ ___ ___ उ ___ ऋ ___ ____
(iii) ए ___ ___ औ
उत्तरम्
(क) (i) ट्, त्
(ii) ए, ह्
(iii) र्, ल्

(ख) (i) ग्, घ्, ड्
(ii) ट्, ठ, ढ्
(iii) ब्, भ्, म्

(ग) (i) उ, ऋ
(ii) इ, ई, ऊ, ऋ, लु
(iii) ऐ, ओ

प्रश्न 2.
वर्णविच्छेदं कुरुत- (वर्ण-विच्छेद कीजिए- Separate the letters)
1. विसर्गः = व् + ___ + ___ + ___ + ___ + ग् + ___
2. ह्रस्वः = ___ + ___ + ___ + स् + ___ + अः
3. गृहम् = ग् + ___ + ___ + ___ + म्
4. गुरून् = ग् + ___ + र् + ___ + न्
5. मात्रे = म् + आ + ___ + ___ + ए
उत्तरम्-
1. विसर्गः = ___ + इ + स् + अ + र् + ___ + अः
2. ह्रस्वः = ह् + र् + अ + ___ + व् + ___
3. गृहम् = ___ + ऋ + ह् + अ + ___
4. गुरून् = ___ + उ + ___ + ऊ + ___
5. मात्रे = ___ + ___ + त् + र् + ___

प्रश्न 3.
(क) वर्णसंयोगं कृत्वा शब्दान् लिखत- (वर्ण संयोग करके शब्द लिखिए- Joint the letters to form words)
1. त्वम् + एव = त्वमेव
2. वयम् + अपि = _________
3. किम् + इव = _________
4. अहम् + आगच्छामि = _________
5. सत्यम् + एव = _________
उत्तरम्-
1. त्वमेव
2. वयमपि
3. किमिव
4. अहमागच्छामि
5. सत्यमेव

(ख) 1. क् + ष् + अ + त् + र् + इ + य् + अ + : = _________
2. ऋ + ष् + अ + य् + अ + : = _________
3. प् + इ + त् + ऋ + ण् + आ + म् = _________
4. न् + द् + य् + आ + म् = _________
5. र् + आ + ष् + ट् + र् + इ + य् + अ + : = _________
उत्तरम्-
1. क्षत्रियः
2. ऋषयः
3. पितृणाम्
4. नद्याम्
5. राष्ट्रियः।

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 4 हास्यबालकविसम्मेलनम्

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NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Ruchira Chapter 4 हास्यबालकविसम्मेलनम्

Class 7 Sanskrit Chapter 4 हास्यबालकविसम्मेलनम् Textbook Questions and Answers

प्रश्न: 1.
उच्चारणं कुरुत- (उच्चारण कीजिए- Pronounce these.)
NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 4 हास्यबालकविसम्मेलनम् 3
उत्तराणि:
छात्र अव्ययों का उच्चारण ध्यानपूर्वक करें।

प्रश्न: 2.
मञ्जूषातः अव्ययपदानि चित्वा वाक्यानि पूरयत। (मञ्जूषा से अव्यय-शब्दों को चुनकर वाक्य पूर्ण कीजिए। Fill in the blanks by choosing indeclinables from the box.)

अलम्, अन्तः, बहिः, अधः, उपरि

(क) वृक्षस्य ……………… खगाः वसन्ति ।
उत्तराणि:
उपरि

(ख) ………………… विवादेन
उत्तराणि:
अलम्

(ग) वर्षाकाले गृहात्………………. मा गच्छ।
उत्तराणि:
बहिः

(घ) मञ्चस्य……………….श्रोतारः उपविष्टाः सन्ति ।
उत्तराणि:
अधः

(ङ) छात्राः विद्यालयस्य……………….. प्रविशन्ति ।
उत्तराणि:
अन्तः ।

प्रश्न: 3.
अशुद्धं पदं चिनुत- (अशुद्ध शब्द को चुनिए- Pick out the incorrect word.)

(क) गमन्ति, यच्छन्ति, पृच्छन्ति, धावन्ति ।
उत्तराणि:
गमन्ति

(ख) रामेण, गृहेण, सर्पण, गजेण।
उत्तराणि:
गजेण

(ग) लतया, सुप्रिया, रमया, निशया।
उत्तराणि:
सुप्रिया (शेष पद तृतीया विभक्ति में)

(घ) लते, रमे, माते. प्रिये।
उत्तराणि:
माते

(ङ) लिखति, गर्जति, फलति, सेवति ।
उत्तराणि:
सेवति ।

प्रश्न: 4.
मञ्जूषातः समानार्थकपदानि चित्वा लिखत- (मञ्जूषा से समानार्थक शब्दों को चुनकर लिखिए Write synonyms by choosing from the box.)

प्रसन्नतायाः, चिकित्सकम्, लब्ध्वा, शरीरस्य, दक्षाः

1. प्राप्य – ……………
2. कुशलाः – ……………
3. हर्षस्य – ……………
4. देहस्य – ……………
5. वैद्यम् – ……………
उत्तराणि:
1. लब्ध्वा
2. दक्षाः
3. प्रसन्नतायाः
4. शरीरस्य
5. चिकित्सकम्।

प्रश्नः 5.
अधोलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तराणि एकपदेन लिखत- (निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द में लिखिए- Answer the following questions in one word.)

(क) मञ्चे कति बाल-कवयः उपविष्टाः सन्ति?
उत्तराणि:
चत्वारः

(ख) के कोलाहलं कुर्वन्ति?
उत्तराणि:
श्रोतारः

(ग) गजाधरः कम् उद्दिश्य काव्यं प्रस्तौति?
उत्तराणि:
वैद्यम्

(घ) तुन्दिलः कस्य उपरि हस्तम् आवर्त्तयति?
उत्तराणि:
तुन्दस्य

(ङ) लोके पुनः-पुनः कानि भवन्ति ?
उत्तराणि:
शरीराणि

(च) किं कृत्वा घृतं पिबेत् ?
उत्तराणि:
ऋणम्।

प्रश्नः 6.
मञ्जूषातः पदानि चित्वा कथायाः पूर्तिं कुरुत- (मञ्जूषा से शब्दों को चुनकर कथा को पूर्ण कीजिए- Complete the story by choosing words from the box.)

नासिकायामेव, वारं वारम्, खड्गेन, दूरम्, मित्रता, मक्षिका, व्यजनेन, उपाविशत्, छिन्ना, सुप्तः, प्रियः । पुरा एकस्य नृपस्य एकः

(1)……… ……… वानरः आसीत् । एकदा नृपः (2)………………..आसीत् । वानरः (3) ……………….. तम् अवीजयत् । तदैव एका (4). . . . . . . . . . . ………….. न पस्य नासिकायाम् (5) . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . । यद्यपि वानर : (6)……………………. व्यजनेन तां निवारयति स्म तथापि सा पुनः पुनः नृपस्य (7)……. …………. उपविशति स्म। अन्ते सः मक्षिकां हन्तुं (8)………………….. प्रहारम् अकरोत् । मक्षिका तु उड्डीय (9)….. ……….गता, किन्तु खड्गप्रहारेण नृपस्य नासिका (10)………………… अभवत् । अत एवोच्यते-“मूर्खजनैः सह
…………नोचिता।”
उत्तराणि:

  1. प्रियः
  2. सुप्तः
  3. व्यजनेन
  4. मक्षिका
  5. उपाविशत्
  6. वारं वारम्
  7. नासिकायामेव
  8. खड्गेन
  9. दूरम्
  10. छिन्ना
  11. मित्रता।

प्रश्नः 7.
विलोमपदानि योजयत- (विपरीतार्थक शब्दों को मिलाइए- Match with opposite words.)

1. अधः – नीचैः
2. अन्तः – सुलभम्
3. दुर्बुद्धे ! – उपरि
4. उच्चैः – बहिः
5. दुर्लभम् – सुबुद्धे !
उत्तराणि:
1. अधः – उपरि
2. अन्तः – बहिः
3. दुर्बुद्धे ! – सुबुद्धे !
4. उच्चैः – नीचैः
5. दुर्लभम् – सुलभम्

Class 7 Sanskrit Chapter 4 हास्यबालकविसम्मेलनम् Additional Important Questions and Answers

(1) परस्परमेलनम् कुरुत- (परस्पर मेल कीजिए- Match the following.)

(क) पर्यायपदानि
(i) स्वागतम् – निपुणाः
(ii) शरीरम् – भक्षयितव्यः
(iii) कुशलाः – अभिनन्दनम्
(iv) धुरन्धराः – आश्चर्यम्
(v) भोक्तव्यः – देहः
(vi) विस्मयम् – श्रेष्ठाः
उत्तराणि:
(i) स्वागतम् – अभिनन्दनम्
(ii) शरीरम् – देहः
(iii) कुशलाः – निपुणाः
(iv) धुरन्धराः – श्रेष्ठाः
(v) भोक्तव्यः – भक्षयितव्यः
(vi) विस्मयम् – आश्चर्यम्

(ख) विपर्यायपदानि
आधुनिकम् – आलस्यम्
हर्षस्य – चिकित्सकः
कालान्तकः – गच्छ
श्रमः – प्राचीनम्
एहि – विषादस्य
वैद्यः – यमः
उत्तराणि:
(ख) विपर्यायपदानि
आधुनिकम् – प्राचीनम्
हर्षस्य – विषादस्य
कालान्तकः – चिकित्सकः
श्रमः – आलस्यम्
एहि – गच्छ
वैद्यः – यमः

(2) उचितेन अव्यय-पदेन रिक्तस्थानपूर्तिं कुरुत- (मञ्जूषा से उचित अव्यय पद द्वारा रिक्तस्थान पूर्ति कीजिए- Fill in the blanks with appropriate indeclinable from the box.)

च, यावत्, नमो नमः, उपरि, अलम् |

(i) ……………. कोलाहलेन।
उत्तराणि:
अलम्

(ii) सर्वेभ्यः……………. ।
उत्तराणि:
नमो नमः

(iii) बाल-कवयः मञ्चस्य ……………. उपविष्टाः।
उत्तराणि:
उपरि

(iv) ……………. जीवेत् सुखं जीवेत्।
उत्तराणि:
यावत्

(v) कालान्तकं तथा वैद्यं चार्वाकं ……………. नमामि अहम्।
उत्तराणि:

(3) एकपदेन उत्तरत- (एक पद में उत्तर दीजिए- Answer in one word.)

(i) किं सम्मेलनम् भवति? …………….
उत्तराणि:
हास्यबालकविसम्मेलनम्

(ii) श्रोतारः किमर्थम् उत्सुका:? …………….
उत्तराणि:
हास्यकविता-श्रवणाय

(iii) वयम् केन तेषां स्वागतं कुर्मः? …………….
उत्तराणि:
करतलध्वनिना

(iv) किम् दुर्लभं लोके? …………….
उत्तराणि:
परान्नम्

(v) कानि न दुर्लभानि? …………….
उत्तराणि:
शरीराणि

(vi) यावत् जीवेत् कथम् जीवेत्?
उत्तराणि:
सुखम्

(vii) जनः श्रमं कृत्वा किं प्रत्यर्पयेत्?…………….
उत्तराणि:
ऋणम्

(4) पूर्णवाक्येन उत्तरत- (पूर्णवाक्य में उत्तर दीजिए- Answer in a sentence.)

(i) यमः किं हरति वैद्यः च किम्? …………….
उत्तराणि:
यमः प्राणान् हरति, परं वैद्यः प्राणान् धनं/धनानि चापि हरति।

(ii) श्रोतारः किं कुर्वन्ति? ……………..
उत्तराणि:
हास्यकविता-श्रवणाय उत्सुकाः श्रोतारः कोलाहलं कुर्वन्ति।

(iii) बालकः कं-कं नमति? …………….
उत्तराणि:
बालकः कविं गजाधरं, भोज्यलोलुपं तुन्दिलं, कालान्तकं, वैद्यं चार्वाकं च नमति।

(1) प्रत्येकं पाठांशं पठित्वा उचित-विकल्पेन अधोदत्तान् प्रश्नान् उत्तरत- (प्रत्येक पाठांश पढ़कर उचित विकल्प द्वारा निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए– Read each extract and answer the questions that follow with the correct option.)

(क) ‘करतलध्वनिना वयं तेषाम् स्वागतं कुर्मः

(i) ‘कुर्मः इति क्रियापदस्य कः कर्ता’? ……………. (करतलध्वनिना, वयम्, तेषाम्)
उत्तराणि:
वयम्

(ii) अस्मिन् वाक्ये किं कर्मपदम्? ……………. (वयम्, तेषाम्, स्वागतम्)
उत्तराणि:
स्वागतम्

(iii) ‘करतलध्वनिना’ अत्र का विभक्तिः ? ……………. (प्रथमा, द्वितीया, तृतीया)
उत्तराणि:
तृतीया

(iv) ‘तेषाम्’-अत्र मूलशब्दः कः? ……………. (सः, ते, तत्)
उत्तराणि:
तत्

(v) कुर्मः-अत्र किम् पुरुष-वचनम्? ……………. (प्रथम पुरुष-एकवचनम्, उत्तम पुरुष-एकवचनम्, उत्तम पुरुष-बहुवचनम्)
उत्तराणि:
उत्तम पुरुष-बहुवचनम्

(ख) परान्नं प्राप्य दुर्बुद्धे! मा शरीरे दयां कुरु।
परान्नं दुर्लभं लोके शरीराणि पुनः पुनः॥

I. एकपदेन उत्तरत

(i) लोके किं दुर्लभम्? ……………. (शरीरम्, परान्नम्, पुनः पुनः)
उत्तराणि:
परान्नम्

(ii) परान्नं प्राप्य कस्मिन् दयां मा कुरु? ……………. (दुर्बुद्धे, शरीरे, लोके)
उत्तराणि:
शरीरे

II. (i) ‘प्राप्य’ इति पदस्य अर्थ : अस्ति ……………. (प्राप्तः, प्रातः, लब्ध्वा)
उत्तराणि:
लब्ध्वा

(ii) दुर्बुद्धे-अत्र कि विभक्तिः वचनम् च? ……………. (प्रथमा-द्विवचनम्, सप्तमी-एकवचनम्, सम्बोधनम्-एकवचनम्)
उत्तराणि:
सम्बोधनम्-एकवचनम्।

(2) प्रदत्तविकल्पेभ्यः उचितं विकल्पं चित्वा रिक्तस्थानपूर्तिं कुरुत- (प्रदत्तविकल्पों से उचित विकल्प चुनकर रिक्त स्थान भरें- Fill in the blanks by picking out the correct from those given.)

(i) परान्नं प्राप्य दुर्बुद्धे मा . दयां कुरु। (शरीरे, लोके, तुन्दिले)
उत्तराणि:
शरीरे

(ii) ऋणं कृत्वा घृतं (जीवेत्, प्रत्यर्ययेत्, पिबेत्)
उत्तराणि:
पिबेत्

(iii) यमस्तु प्राणान् हरति वैद्यः प्राणान् । (शरीराणि च, धनानि च, काव्यानि च)
उत्तराणि:
धनानि च

(iv) चितां प्रज्वलितां दृष्ट्वा . विस्मयामागतः। (यमः, भ्राताः, वैद्यः)
उत्तराणि:
वैद्यः

(v) यावज्जीवेत् .. जीवेत्। (ऋणम्, सुखम्, घृतम्)
उत्तराणि:
सुखम्

(vi) चत्वारः बाल-कवयः मञ्चस्य उपविष्टाः। (अधः, उपरि, बहिः)
उत्तराणि:
उपरि

(vii) …………. कोलाहलेन। (मा, न, अलम्)
उत्तराणि:
अलम्

(viii) ऋणं …. घृतं पिबेत्। (कृत्वा, पीत्वा, दृष्ट्वा)
उत्तराणि:
कृत्वा

(ix) …दुर्लभं लोके। ऋणम्, परान्नम्, श्रमम्)
उत्तराणि:
परान्नम्

(x) वयम् एतेषां कुर्मः। (कोलाहलम्, स्वागतम्, काव्यम्)
उत्तराणि:
स्वागतम्।

(3) अधो दत्तानि पदानि लिङ्गानुसारेण उचित स्तम्भे लिखत- (निम्नलिखित पदों को लिंगानुसार उचित सतम्भ में लिखिए- write the following words in the appropriate column according to their gender.)

शरीरे, प्राणान्, धनानि, चिताम्, ऋणम्, श्रमम्, दयाम्, भ्राता, कविताम्

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 4 हास्यबालकविसम्मेलनम् 2
उत्तराणि:
NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 4 हास्यबालकविसम्मेलनम् 1

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 3 स्वावलम्बनम्

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NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Ruchira Chapter 3 स्वावलम्बनम्

Class 7 Sanskrit Chapter 3 स्वावलम्बनम् Textbook Questions and Answers

प्रश्न: 1.
उच्चारणं कुरुत- (उच्चारण कीजिए- Pronounce these.)

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 3 स्वावलम्बनम् 1
उत्तराणि:
छात्र ध्यानपूर्वक उच्चारण करें।

प्रश्न: 2.
अधोलिखितानां प्रश्नानामुत्तराणि लिखत-
(निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए- Write the answers of questions given below.)

(क) कस्य भवने सर्वविधानि सुखसाधनानि आसन् ?
उत्तराणि:
श्रीकण्ठस्य भवने सर्वविधानि सुखसाधनानि सन्ति ।

(ख) कस्य गृहे कोऽपि भृत्यः नास्ति?
उत्तराणि:
कृष्णमूर्तेः गृहे कोऽपि भृत्यः नास्ति।

(ग) श्रीकण्ठस्य आतिथ्यम् के अकुर्वन् ?
उत्तराणि:
श्रीकण्ठस्य आतिथ्यम् कृष्णमूर्तिः तस्य माता-पिता च अकुर्वन्।

(घ) सर्वदा कुत्र सुखम्?
उत्तराणि:
सर्वदा स्वावलम्बने एव सुखम्।।

(ङ) श्रीकण्ठः कृष्णमूर्तेः गृहं कदा अगच्छत् ?
उत्तराणि:
श्रीकण्ठः प्रातः नववादने कृष्णमूर्तेः गृहम् अगच्छत्।

(च) कृष्णमूर्तेः कति कर्मकराः सन्ति?
उत्तराणि:
कृष्णमूर्ते: अष्टौ कर्मकराः सन्ति।

प्रश्न: 3.
चित्राणि गणयित्वा तदने संख्यावाचकशब्दं लिखत। (पाठ्यपुस्तक में दिए हुए चित्रों को गिनकर उनके आगे संख्यावाचक शब्द लिखिए।
Write in words the number of objects in Front of each picture in Sanskrit.)
NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 3 स्वावलम्बनम् 2
उत्तराणि:
1. अष्टादश
2. पञ्चदश
3. चतुर्विंशतिः
4. एकविंशतिः
5. षट्त्रिंशत्,
6. त्रयस्त्रिंशत्।

प्रश्न: 4.
मञ्जूषातः अङ्कानां कृते पदानि चिनुत- (मञ्जूषा में से अंकों के लिए संस्कृत शब्द चुनिए- Choose the Sanskrit words for digits from the box.)

चत्वारिंशत्, सप्तविंशतिः, एकत्रिंशत्, पञ्चाशत् , अष्टाविंशतिः, त्रिंशत् , चतुर्विंशतिः ।
28. ……………..
24. ……………..
30. ……………..
40 ……………..
27 …………..
50 …………..
31 ……………
उत्तराणि:
28 अष्टाविंशतिः
24 चतुर्विंशतिः
30 त्रिंशत्
40 चत्वारिंशत्
27 सप्तविंशतिः
50 पञ्चाशत्
31 एकत्रिंशत्

प्रश्नः 5.
चित्रं दृष्ट्वा मञ्जूषातः पदानि च प्रयुज्य वाक्यानि रचयत- (चित्र को देखकर और मञ्जूषा से शब्दों का प्रयोग करके वाक्य बनाइए- See the picture and make sentences with the help of words from the box.)
NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 3 स्वावलम्बनम् 3
कृषकाः, कृषकौ, एते, धान्यम्, एषः, कृषकः, एतौ, क्षेत्रम्, कर्षति, कुरुतः, खननकार्यम्, रोपयन्ति |
1. ………………………………………
2. ………………………………………
3. ………………………………………
उत्तराणि:
1. एषः कृषक: क्षेत्रम् कर्षति।
2. एतौ कृषकौ खननकार्यम् कुरुतः ।
3. एते कृषकाः धान्यम् रोपयन्ति।

प्रश्नः 6.
अधोलिखितान् समयवाचकान् अङ्कान् पदेषु लिखत- (निम्नलिखित समयवाचक अंकों को शब्दों में लिकिए (Write in words the following figures indicating time.)
NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 3 स्वावलम्बनम् 4
उत्तराणि:
NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 3 स्वावलम्बनम् 5

प्रश्न: 7.
मञ्जूषातः पदानि चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत- (मञ्जूषा से शब्दों को चुनकर रिक्त-स्थानों की पूर्ति कीजिए।) (Fill in the blanks by choosing suitable words from the box.)

षड्, त्रिंशत्, एकत्रिंशत्, द्वौ, द्वादश, अष्टाविंशतिः |

(क) …………… ऋतवः भवन्ति।
उत्तराणि:
षड्,

(ख) मासाः … …. भवन्ति ।
उत्तराणि:
द्वादश,

(ग) एकस्मिन् मासे………………. अथवा………………. दिवसाः भवन्ति।
उत्तराणि:
त्रिंशत्, एकत्रिंशत्,

(घ) फरवरी मासे सामान्यतः………दिनानि भवन्ति ।
उत्तराणि:
अष्टाविंशतिः,

(ङ) मम शरीरे…………हस्तौ स्तः।
उत्तराणि:
द्वौ।

Class 7 Sanskrit Chapter 3 स्वावलम्बनम् Additional Important Questions and Answers

(1) गद्यांशं पठित्वा अधोदत्तान् प्रश्नान् उत्तरत- (गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए- Read the extract and answer the questions that follow.) तदा कृष्णमूर्तिः अवदत्-“मित्र! ममापि अष्टौ कर्मकराः सन्ति। ते च द्वौ पादौ, द्वौ हस्तौ, द्वे नेत्रे, द्वे श्रोत्रे इति। एते प्रतिक्षणं मम सहायकाः। किन्तु तव भृत्याः सदैव सर्वत्र च उपस्थिताः भवितुं न शक्नुवन्ति। त्वं तु स्वकार्याय भृत्याधीनः । यदा यदा ते अनुपस्थिताः, तदा तदा त्वं कष्टम् अनुभवसि। स्वावलम्बने तु सर्वदा सुखमेव, न कदापि कष्टं भवति!”

I. एकपदेन उत्तरत

(i) कृष्णमूर्तेः कति कर्मकरा:?
उत्तराणि:
अष्ट/अष्टौ

(ii) कस्मिन् सदा सुखं भवति?
उत्तराणि:
स्वावलम्बने (स्व + अवलम्बने)

II. पूर्णवाक्येन उत्तरत

(i) कृष्णमूर्तेः के प्रतिक्षणं सहायकाः?
उत्तराणि:
द्वौ पादौ. द्वौ हस्तौ, द्वे नेत्रे द्वे श्रोत्रे च कृष्णमूर्तेः प्रतिक्षणं सहायकाः।

(ii) कृष्णमूर्तेः मित्रं श्रीकण्ठः कदा कष्टम् अनुभवति?
उत्तराणि:
यदा-यदा तस्य कर्मकराः अनुपस्थिताः तदा-तदा कृष्णमूर्तेः मित्रं श्रीकण्ठः कष्टम् अनुभवति।

III. भाषिककार्यम् –
यथानिर्देशम् उत्तरत –

(i) पर्यायं चित्वा लिखत
(क) सेवकाः – …………………….
(ख) दु:खम् – ……………………..
उत्तराणि:
(क) कर्मकराः
(ख) कष्टम्

(ii) स्वावलम्बने – अत्र का विभक्तिः ? ………………
(क) प्रथमा – द्विवचनम्
(ख) सप्तमी – एकवचनम्
(ग) सम्बोधन – एकवचनम्
उत्तराणि:
(ख) सप्तमी-एकवचनेम्

(iii) अनुभवसि – अत्र कः धातुः? ……………..
(क) भव्,
(ख) भू.
(ग) अनुभव
उत्तराणि:
(ख) भू (यहाँ अनु उपसर्ग है)

(iv) भवितुम् – अत्र कः धातुः कः च प्रत्ययः? ………….. ……………..
उत्तराणि:
भू धातुः, तुमुन् प्रत्ययः

(2) घटनाक्रमेण अधोदत्तानि वाक्यानि पुनः लिखत- (घटनाक्रम के अनुसार निम्नलिखित वाक्यों को पुनः लिखिए। Rewrite the following sentences according to the sequence of events.)

(i) श्रीकण्ठः तेषाम् आतिथ्येन अतीव सन्तुष्टः अभवत्।
उत्तराणि:
एकदा श्रीकण्ठः मित्रस्य कृष्णमूर्तेः गृहम् अगच्छत्।

(ii) मम अपि अष्टौ सेवकाः सन्ति।
उत्तराणि:
तत्र कृष्णमूर्तिः माता पिता च यथाशक्ति तस्य अतिथि-सत्कारम् अकुर्वन्।

(iii) एकदा श्रीकण्ठः मित्रस्य कृष्णमूर्ते: गृहम् अगच्छत्।
उत्तराणि:
श्रीकण्ठः तेषाम् आतिथ्येन अतीव सन्तुष्टः अभवत्।

(iv) परम् तस्य इदं दुःखम् आसीत् यत् मित्रस्य गृहे एकः अपि भृत्यः न अस्ति।
उत्तराणि:
परम् तस्य इदं दुःखम् आसीत् यत् मित्रस्य गृहे एकः अपि भृत्यः न अस्ति।

(v) स्वावलम्बने न कदापि कष्टं, सदा सुखमेव भवति।
उत्तराणि:
मम अपि अष्टौ सेवकाः सन्ति।

(vi) तत्र कृष्णमूर्तिः माता पिता च तस्य यथाशक्ति अतिथि-सत्कारम् अकुर्वन्।
उत्तराणि:
स्वावलम्बने न कदापि कष्टं, सदा सुखमेव भवति।

(3) मञ्जूषातः उचितं पदं चित्वा अनुच्छेदे प्रत्येकं रिक्तस्थानं पूरयत- (मञ्जूषा से उचित पद को चुनकर अनुच्छेद में प्रत्येक रिक्त स्थान भरिए- Fill in each blank in the paragraph with appropriate word from the box.)

माता-पिता च, सुखसाधनानि, पिता, सेवकाः, मित्रे, गृहम्, विशाले, स्तम्भाः

कृष्णमूर्तिः श्रीकण्ठश्च …. आस्ताम्। श्रीकण्ठस्य समृद्धः आसीत्। अतः तस्य भवने सर्वविधानि …………………. आसन् । तस्मिन् ………” भवने चत्वारिंशत् ……… आसन् । तत्र दश …निरन्तरं कार्यं कुर्वन्ति स्म। परं कृष्णमूर्तेः ….” निर्धनौ कृषकदम्पती। तस्य …” आडम्बरविहीनं साधारणं च आसीत्।
उत्तरम् –
मित्रे, पिता, सुखसाधनानि, विशाले, स्तम्भाः, सेवकाः, माता-पिता च, गृहम्।

(1) प्रदत्तविकल्पेभ्यः उचितं संख्यावाचि पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत। (प्रदत्त विकल्पों से उचित संख्यावाची पद चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए। Pick out the correct numeral from the options given and fill in the blanks.)

(क) (i) एकस्मिन् पक्षे .. दिनानि सन्ति। (पञ्चदशाः, पञ्चदश, पञ्चदशः)
उत्तराणि:
पञ्चदश

(ii) एकस्मिन् वर्षे ..मासाः। (द्वादशाः, द्वादशः, द्वादश)
उत्तराणि:
द्वादश

(iii) भारते. ऋतवः सन्ति। (षट, षड्, षटाः)
उत्तराणि:
षड्

(iv) विंशतिः द्वाविंशतिः च । (द्ववचत्वरिंशत्, द्वौचत्वारिंशत्, द्विचत्वारिंशत्)
उत्तराणि:
द्विचत्वारिंशत्

(v) त्रयोदश षोडश च ………… । (नवविंशत्, नवविंशतिः, नवविंशति)
उत्तराणि:
नवविंशतिः

(ख) अधोदत्तान् समयवाचकान् अङ्कान् प्रदत्तविकल्पेभ्यः उचितपदं चित्वा लिखत। (निम्नलिखित समयवाचक अंकों को दिए गए विकल्पों में से उचित पद चुनकर लिखिए। Pick out the correct option and write down the time given in figures.)

(i) 11:30 ……………………
(क) सार्धद्वादशवादनम्
(ख) अर्ध-एकादशवादनम्
(ग) सार्ध-एकादशवादनम्/साधैकादशवादनम्
उत्तराणि:
(ग) सार्ध-एकादशवादनम्/साधैकादशवादनम्

(ii) 04:00
(क) चत्वारि-वादनम्
(ख) चतुर्वादनम्
(ग) चर्तुवादनम्
उत्तराणि:
(ख) चतुर्वादनम्

(iii) 03:00
(क) त्रीवादनम्
(ख) त्रिवादनम्
(ग) त्रयवादनम्
उत्तराणि:
(ख) त्रिवादनम्

(iv) 07:30
(क) अर्धसप्तवादनम्
(ख) सार्ध-सप्तवादन
(ग) सार्ध-सप्तवादनम्
उत्तराणि:
(ग) सार्ध-सप्तवादनम्

(v) 01:30
(क) सार्ध-ऐकवादनम्
(ख) सार्ध-एकवादनम्/सार्धंकवादनम्
(ग) सार्ध-कवादनम्
उत्तराणि:
(ख) सार्ध-एकवादनम्/साधैंकवादनम्

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 2 दुर्बुद्धिः विनश्यति

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NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Ruchira Chapter 2 दुर्बुद्धिः विनश्यति

Class 7 Sanskrit Chapter 2 दुर्बुद्धिः विनश्यति Textbook Questions and Answers

प्रश्न: 1.
उच्चारणं कुरुत। (उच्चारण कीजिए। Pronounce these.)

फुल्लोत्पलम् – हृदम्
कम्बुग्रीवः – उड्डीयते
उक्तवान् – पक्त्वा
भवद्भ्याम् – भक्षयिष्यामि
अवलम्ब्य – सुहृदाम्
आवाभ्याम् – भ्रष्टः
उत्तराणि:
छात्र ध्यानपूर्वक उच्चारण करें।

प्रश्न: 2.
एकपदेन उत्तरत- (एक शब्द में उत्तर दीजिए- Answer in one word.)

(क) कूर्मस्य किं नाम आसीत् ?
उत्तराणि:
कम्बुग्रीवः

(ख) सरस्तीरे के आगच्छन्?
उत्तराणि:
धीवराः

(ग) कूर्मः केन मार्गेण अन्यत्र गन्तुम् इच्छति?
उत्तराणि:
आकाशमार्गेण

(घ) लम्बमानं कूर्मं दृष्ट्वा के अधावन् ?
उत्तराणि:
पौराः।

प्रश्न: 3.
अधोलिखितवाक्यानि कः कं प्रति कथयति इति लिखत- (निम्नलिखित वाक्यों को किसने किसको कहा है, लिखिए- Write who said the following sentences to whom.)

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 2 दुर्बुद्धिः विनश्यति 1
NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 2 दुर्बुद्धिः विनश्यति 2
उत्तराणि:
NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 2 दुर्बुद्धिः विनश्यति 3

प्रश्न: 4.
मञ्जूषातः क्रियापदं चित्वा वाक्यानि पूरयत- (मञ्जूषा से क्रियावाचक शब्दों को चुनकर वाक्यों की afd ailfote- Fill in the blanks of the sentences by suitable verbs from the box.)

अभिनन्दति, भक्षयिष्यामः, इच्छामि, वदिष्यामि, उड्डीयते, प्रतिवसति स्म

(क) हंसाभ्यां सह कूर्मोऽपि ……..
उत्तराणि:
हंसाभ्यां सह कूर्मोऽपि उड्डीयते।

(ख) अहं किञ्चिदपि न …….
उत्तराणि:
अहं किञ्चिदपि न वदिष्यामि।

(ग) यः हितकामानां सुहृदां वाक्यं न …..
उत्तराणि:
यः हितकामानां सुहृदां वाक्यं न अभिनन्दति ।

(घ) एकः कूर्मः अपि तत्रैव …………
उत्तराणि:
एक: कूर्मः अपि तत्रैव प्रतिवसति स्म।

(ङ) अहम् आकाशमार्गेण अन्यत्र गन्तुम् …………….
उत्तराणि:
अहम् आकाशमार्गेण अन्यत्र गन्तुम् इच्छामि ।

(च) वयं गृहं नीत्वा कूर्मं ………..
उत्तराणि:
वयं गृहं नीत्वा कूर्मं भक्षयिष्यामः।

प्रश्नः 5.
पूर्णवाक्येन उत्तरत- (एक वाक्य में उत्तर दीजिए- Answer in one sentence.)

(क) कच्छपः कुत्र गन्तुम् इच्छति?
उत्तराणि:
कच्छपः आकाशमार्गेण अन्यत्र गन्तुम् इच्छति।

(ख) कच्छपः कम् उपायं वदति ?
उत्तराणि:
कच्छपः उपायं वदति-“युवां काष्ठदण्डम् चञ्च्वा धारयतम्, अहं काष्ठदण्डमध्ये अवलम्ब्य युवयोः पक्षबलेन सुखेन गमिष्यामि।”

(ग) लम्बमानं कूर्मं दृष्ट्वा पौराः किम् अवदन् ?
उत्तराणि:
लम्बमानं कूर्मं दृष्ट्वा पौराः अवदन्- “हंहो! महदाश्चर्यं हंसाभ्याम् सह कूर्मोऽपि उड्डीयते।”

(घ) कूर्मः मित्रयोः वचनं विस्मृत्य किम् अवदत् ?
उत्तराणि:
कूर्मः मित्रयोः वचनं विस्मृत्य अवदत्-“यूयं भस्मं खादत।”

प्रश्नः 6.
घटनाक्रमानुसारं वाक्यानि लिखत- (घटनाक्रम के अनुसार वाक्यों को पुनः लिखिए- Rewrite the sentences in order as they took place.)

(क) कूर्मः हंसयोः सहायतया आकाशमार्गेण अगच्छत् ।
उत्तराणि:
कूर्मः हंसौ च एकस्मिन् सरसि निवसन्ति स्म।

(ख) पौरा: अकथयन्–वयं पतितं कूर्मं खादिष्यामः ।
उत्तराणि:
केचित् धीवराः सरस्तीरे आगच्छन्।

(ग) कूर्मः हंसौ च एकस्मिन् सरसि निवसन्ति स्म।
उत्तराणि:
‘वयं श्वः मत्स्यकूर्मादीन् मारिष्यामः’ इति धीवराः अकथयन् ।

(घ) केचित् धीवराः सरस्तीरे आगच्छन्।
उत्तराणि:
कूर्मः अन्यत्र गन्तुम् इच्छति स्म।

(ङ) कूर्मः अन्यत्र गन्तुम् इच्छति स्म।
उत्तराणि:
कूर्मः हंसयोः सहायतया आकाशमार्गेण अगच्छत् ।

(च) लम्बमानं कूर्मं दृष्ट्वा पौराः अधावन्।
उत्तराणि:
लम्बमानं कूर्मं दृष्ट्वा पौराः अधावन्।

(छ) कूर्मः आकाशात् पतितः पौरैः मारितश्च ।
उत्तराणि:
पौराः अकथयन्–वयं पतितं कूर्म खादिष्यामः ।

(ज) ‘वयं श्वः मत्स्यकूर्मादीन् मारिष्यामः’ इति धीवराः अकथयन्।
उत्तराणि:
कूर्मः आकाशात् पतितः पौरैः मारितश्च ।

प्रश्न: 7.
मञ्जूषातः पदानि चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत- (मञ्जूषा से शब्दों को चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए- Fill in the blanks by choosing suitable words from the box.)

जलाशयम्, अचिन्तयत्, वृद्धः, दुःखिताः, कोटरे, वृक्षस्य, सर्पः, आदाय, समीपे ।

एकस्य वृक्षस्य शाखासु अनेके काका: वसन्ति स्म । तस्य वृक्षस्य 1. ……….. एकः सर्पः अपि अवसत् । काकानाम् अनुपस्थितौ 2. ………… काकानां शिशून् खादति स्म। काका: 3. ………… आसन्। तेषु एक: 4. …………. काकः उपायम् 5. …………. । वृक्षस्य 6. ………… जलाशयः आसीत्। तत्र एका राजकुमारी स्नातुं 7. ………….. आगच्छति । शिलायां स्थितं तस्याः आभरणम् 8. …………. एक: काकः वृक्षस्य उपरि अस्थापयत्। राजसेवकाः काकम् अनुसृत्य 9. ………….. समीपम् अगच्छन् । तत्र ते तं सर्प च अमारयन् । अतः एवोक्तम्-उपायेन सर्वं सिद्धयति।
उत्तराणि:
1. कोटरे
2. सर्पः
3. दुःखिताः
4. वृद्धः
5. अचिन्तयत्
6. समीपे
7. जलाशयम्
8. आदाय
9. वृक्षस्य।

Class 7 Sanskrit Chapter 2 दुर्बुद्धिः विनश्यति Additional Important Questions and Answers

(1) गद्यांशं पठित्वा अधोदत्तान् प्रश्नान् उत्तरत- (गद्यांश पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए- Read the extract and answer the questions that follow.)

अथ एकदा धीवराः तत्र आगच्छन्। ते अकथयन्- “वयं श्वः मत्स्यकूर्मादीन् मारयिष्यामः।” एतत् श्रुत्वा कूर्मः अवदत्-“मित्रे! किं युवाभ्याम् धीवराणां वार्ता श्रुता? अधुना किम् अहं करोमि?” हंसौ अवदताम्-“प्रातः यद् उचितं तत्कर्त्तव्यम्।” कूर्मः अवदत्-“मैवम्। तद् यथाऽहम् अन्यं ह्रदं गच्छामि तथा कुरुतम्।” हंसौ अवदताम्-“आवां किं करवाव?” कूर्मः
अवदत्-“अहं युवाभ्यां सह आकाशमार्गेण अन्यत्र गन्तुम् इच्छामि।”

I. एकपदेन उत्तरत

(i) तत्र के आगच्छन्?
उत्तराणि:
धीवराः

(ii) कूर्मः केन मार्गेण गन्तुम् इच्छति स्म?
उत्तराणि:
आकाशमार्गेण

II. पूर्णवाक्येन उत्तरत

(i) धीवराः किम् अकथयन्?
उत्तराणि:
धीवराः अकथयन्–’वयं श्वः मत्स्यकूर्मादीन् मारयिष्यामः।’

(ii) कूर्मः हंसौ किम् अवदत्?
उत्तराणि:
कूर्मः हंसौ अवदत्-‘यथा अहम् अन्यं ह्रदं गच्छामि तथा कुरुतम्।’ अथवा-‘अहं युवाभ्यां सह आकाशमार्गेण अन्यत्र गन्तुम् इच्छामि’

III. भाषिककार्यम्
यथानिर्देशम् रिक्तस्थानानि पूरयत –

(i) ………………. अवदताम् ………………..
उत्तराणि:
अवदत्, अवदन्

(ii) गन्तुम् = ……………….. धातुः ………………..प्रत्ययः
उत्तराणि:
गम्, तुमुन्

(iii) पर्यायम् लिखत- कच्छपः = ………………..
उत्तराणि:
कूर्मः

(iv) ‘अहं युवाभ्याम् सह अन्यत्र गन्तुम् इच्छामि’-अत्र वाक्ये द्वे अव्ययपदे के?

(i)………………..
(ii) ………………..
उत्तराणि:
(i) सह
(ii) अन्यत्र

(2) मञ्जूषायाः उचितं क्रियापदं चित्वा कथायां रिक्तस्थानानि पूरयत- (मञ्जूषा से उचित क्रियापद चुनकर कथा में रिक्तस्थान भरिए- Pick out the appropriate verb from the box and fill in the blanks in the story.) विस्मरति मारयिष्यामः, वदिष्यन्ति, गमिष्यामि, निवसतः, वसति, इच्छति, वदिष्यामि, भवति, पतति

एकस्मिन् सरोवरे द्वौ हंसौ . । तयोः मित्रम् एकः कूर्मः अपि तत्र । एकदा धीवराः तत्र आगच्छन् अकथयन् च-‘वयं श्वः मत्स्यकूर्मादीन् । एतत् श्रुत्वा कूर्मः भयभीतः ” । सः अन्यं हृदं गन्तुम् .. । सः हंसौ उपायं वदति–’युवां चञ्च्वा काष्ठदण्डं धारयतम् अहं दण्डमध्ये अवलम्ब्य युवाभ्याम् सह आकाशमार्गेण ।’ हंसौ वदतः-‘जनाः त्वाम् आकाशे दृष्ट्वा विस्मिताः भविष्यन्ति किञ्चित् एव यदि त्वम् उत्तरं दास्यसि तर्हि भूमौ पतिष्यसि मरिष्यसि च।’ कूर्मः प्रतिज्ञां करोति–’अहं किञ्चिद् अपि न ………. ।’ परं सः हंसाभ्याम् दत्तं वचनं ……दण्डात् …” मृत्यु च गच्छति।
उत्तराणि:
निवसतः, वसति, मारिष्यामः भवति, इच्छति, गमिष्यामि, वदिष्यन्ति, वदिष्यामि, विस्मरति, पतति।

(3) कः कम् प्रति कथयति। (कौन किसे कहता है- Who says to whom.)

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 2 दुर्बुद्धिः विनश्यति 4
उत्तराणि:
(i) कूर्मः, हंसौ
(ii) हंसौ, कूर्मम्
(iii) कूर्मः, हंसौ
(iv) कूर्मः, पौरान्।

(1) उचितविकल्पं चित्वा एकपदेन उत्तरत- (उचित विकल्प चुनकर एकपद में उत्तर दीजिए – Pick out the correct option and answer in one word.)

(i) केषां वचनं श्रुत्वा कूर्मः क्रुद्धः अभवत्? (हंसानाम्, धीवराणां, पौराणाम्)
उत्तराणि:
पौराणाम्

(ii) कूर्मः कम् अवलम्ब्य आकाशमार्गेण गच्छति? (ह्रदम्, काष्ठदण्डम्, उपायम्)
उत्तराणि:
काष्ठदण्डम्

(iii) के पतितं कूर्मं मारयन्ति? (धीवराः, हंसाः, पौराः)
उत्तराणि:
पौराः

(iv) कूर्मः हंसौ किम् वदति? (उत्तरम्, उपायम्, अपायम्)
उत्तराणि:
उपायम्

(v) कूर्मः कीदृशः आसीत्? (सुबुद्धि, चतुरः, दुर्बुद्धिः)
उत्तराणि:
दुर्बुद्धिः।

(2) (क) उचितेन विकल्पेन प्रत्येक प्रश्नम् उत्तरत रिक्तस्थानानि च पूरयत- (उचित विकल्प से चुनकर उत्तर दीजिए और रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए- Fill in the blanks with suitable answer from the options given.)

‘मित्राभ्याम् दत्तं वचनं विस्मृत्य सः अवदत्’-अस्मिन् वाक्ये

(i) ‘मित्राभ्याम्’ इति पदे का विभक्तिः? ” ……………… (तृतीया, चतुर्थी, पञ्चमी)
उत्तराणि:
चतुर्थी [ दत्तम्’ (दा धातु) योगे]

(ii) ‘अवदत्’ इति क्रियापदस्य कः कर्ता? – (मित्राभ्याम्, वचनम्, सः)
उत्तराणि:
सः

(iii) ‘विस्मृत्य’ इति पदे कः प्रत्ययः? (क्त्वा, तुमुन्, ल्यप्)
उत्तराणि:
ल्यप्

(iv) ‘अवदत्’ -अत्र कः लकार:? (लट्, लृङ् लृट्)
उत्तराणि:
लृङ्

(ख)
(i) कथमपि = …………… + ………………. (कथ + मपि, कथम् + अपि, कथम + अपि)
उत्तराणि:
कथम् + अपि

(ii) तत्रैव = …………… + ………………. (तत्र् + ऐव, तत्र + ऐव, तत्र + एव)
उत्तराणि:
तत्र + एव

(iii) पक्त्वा = …………… + ……………….(पच् + क्त्वा, पक् + क्त्वा, प + क्त्वा)
उत्तराणि:
पच् + क्त्वा

(iv) नाभिनेन्दति = …………… + ………………. (ना + अभिनन्दति, नाभि + नन्दति, न + अभिनन्दति)
उत्तराणि:
न + अभिनन्दति।

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 1 सुभाषितानि

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NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Ruchira Chapter 1 सुभाषितानि

Class 7 Sanskrit Chapter 1 सुभाषितानि Textbook Questions and Answers

प्रश्न: 1.
सर्वान् श्लोकान् सस्वरं गायत- (सब श्लोकों को स्वर सहित गाइए- Recite all the shlokas.)
उत्तराणि:
छात्र स्वयं स्वर सहित गाएँ।

प्रश्न: 2.
यथायोग्यं श्लोकांशान् मेलयत-(श्लोकांशों को यथायोग्य मिलाइए-Match the parts of the shlokas correctly.)

‘क’ – ‘ख’
1. धनधान्यप्रयोगेषु – नासद्भिः किञ्चिदाचरेत्।
2. विस्मयो न हि कर्त्तव्यः – त्यक्तलज्जः सुखी भवेत्।
3. सत्येन धार्यते पृथ्वी – बहुरत्ना वसुन्धरा।
4. सद्भिर्विवादं मैत्रीं च – विद्यायाः संग्रहेषु च।
5. आहारे व्यवहारे च – सत्येन तपते रविः।
उत्तराणि:
‘क’ – ‘ख’
1. धनधान्यप्रयोगेषु – विद्यायाः संग्रहेषु च।
2. विस्मयो न हि कर्त्तव्यः – बहुरत्ना वसुन्धरा।
3. सत्येन धार्यते पृथ्वी – सत्येन तपते रविः।
4. सद्भिर्विवादं मैत्रीं च – नासद्भिः किञ्चिदाचरेत्।
5. आहारे व्यवहारे च – त्यक्तलज्जः सुखी भवेत्।

प्रश्न: 3.
एकपदेन उत्तरत-(एक शब्द में उत्तर दीजिए-Answer in one word.)

(क) पृथिव्यां कति रत्नानि?
(ख) मूढैः कुत्र रत्नसंज्ञा विधीयते?
(ग) पृथिवी केन धार्यते?
(घ) कैः सङ्गतिं कुर्वीत?
(ङ) लोके वशीकृतिः का?
उत्तराणि:
(क) त्रीणि
(ख) पाषाणखण्डेषु
(ग) सत्येन
(घ) सद्भिः
(ङ) क्षमा।

प्रश्न: 4.
रेखाङ्कितपदानि अधिकृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत –
(रेखांकित पदों को आधार बनाकर प्रश्न निर्माण कीजिए–Frame questions based on the underlined words.)

(क) सत्येन वाति वायुः।
(ख) सद्भिः एव सहासीत।
(ग) वसुन्धरा बहुरत्ना भवति।
(घ) विद्यायाः संग्रहेषु त्यक्तलज्जः सुखी भवेत् ।
(ङ) सद्भिः मैत्री कुर्वीत।
उत्तराणि:
(क) केन वाति वायुः?
(ख) कैः एव सहासीत?
(ग) का बहुरत्ना भवति?
(घ) कस्याः संग्रहेषु त्यक्तलज्जः सुखी भवेत् ?
(ङ) सद्भिः किं कां कुर्वीत?

प्रश्न: 5.
प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत-
(प्रश्नों के उत्तर लिखिए-Answer the following questions.)

(क) कुत्र विस्मयः न कर्त्तव्यः?
उत्तराणि:
दाने, तपसि, शौर्ये, विज्ञाने, विनये, नये च विस्मयः न कर्त्तव्यः ।

(ख) पृथिव्यां त्रीणि रत्नानि कानि?
उत्तराणि:
पृथिव्यां जलं, अन्नं सुभाषितम् च त्रीणि रत्नानि सन्ति ।

(ग) त्यक्तलज्जः कुत्र सुखी भवेत्?
उत्तराणि:
धन-धान्य-प्रयोगे, विद्यायाः संग्रहेषु, आहारे व्यवहारे च त्यक्तलज्जः सुखी भवेत् ।

प्रश्न: 6.
मञ्जूषातः पदानि चित्वा लिङ्गानुसारं लिखत- (मञ्जूषा से शब्दों को चुनकर लिंग के अनुसार लिखिए- Fill in the blanks by choosing suitable gender words from the box)

[ रत्नानि, वसुन्धरा, सत्येन, सुखी, अन्नम्, बह्निः, रविः, पृथ्वी, सङ्गतिम् ]

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 1 सुभाषितानि 2
उत्तराणि:
NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 1 सुभाषितानि 1

प्रश्न: 7.
अधोलिखितपदेषु धातवः के सन्ति? (नीचे लिखे हुए शब्दों में धातुएँ कौन-कौन सी हैं? What are the roots in given words?)

पदम् – धातुः
करोति – ……………
पश्य – ……………
भवेत् – ……………
तिष्ठति – ……………
उत्तराणि:
पदम् – धातुः
करोति – कृ
पश्य – दृश्
भवेत् – भू
तिष्ठति – स्था

Class 7 Sanskrit Chapter 1 सुभाषितानि Additional Important Questions and Answers

(1) पद्यांशं पठित्वा अधोदत्तान् प्रश्नान् उत्तरत- (पद्यांश पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए- Read the extract and answer the questions that follow.)

सत्येन धार्यते पृथ्वी सत्येन तपते रविः।
सत्येन वाति वायुश्च सर्वं सत्ये प्रतिष्ठितम्॥

I. एकपदेन उत्तरत

(i) पृथ्वी कथं धार्यते ?
उत्तराणि:
सत्येन

(ii) कः सत्येन तपते ?
उत्तराणि:
रविः

(iii) सर्वं कस्मिन् प्रतिष्ठितम् ?
उत्तराणि:
सत्ये

II. पूर्णवाक्येन उत्तरत

सत्येन किं किं भवति?
उत्तराणि:
सत्येन पृथ्वी धार्यते, सत्येन रविः तपति, सत्येन एव च वायुः वहति।

III. भाषिककार्यम्-

यथानिर्देशम् रिक्तस्थानानि पूरयत –

(i) सत्येन – अत्र का विभक्ति? – ……………….. (द्वितीया, तृतीया, सप्तमी)
उत्तराणि:
तृतीया

(ii) प्रतिष्ठितम् – अत्र कः धातुः? – ……………….. (तिष्ठ, स्था, प्रति)
उत्तराणि:
स्था

(iii) पर्यायः कः?
(क) वहति – ………………..
(ख) पवनः – ………………..
उत्तराणि:
(क) वाति
(ख) वायुः

(iv) श्लोके किम् अव्ययपदम् अस्ति?
उत्तराणि:

(2) शुद्धस्य कथनस्य समक्षे ‘आम्’ अशुद्धस्य च समक्षे ‘नहि’ लिखत- (शुद्ध कथन के सामने ‘आम्’ और अशुद्ध के सामने ‘नहि’ लिखिए- write आम्’opposite the correct statement and’fe’opposite the incorrect one.)

(i) पृथिव्यां त्रीणि रत्नानि इति मूढाः वदन्ति।
उत्तराणि:
नहि

(ii) क्षमा सर्वं साधयति।
उत्तराणि:
आम्

(iii) सर्वं विज्ञाने प्रतिष्ठितम्।
उत्तराणि:
नहि

(iv) सज्जनैः सह मित्रतां कुर्यात्।
उत्तराणि:
आम्

(v) सद्भिः किंचिद् न आचरेत्।
उत्तराणि:
नहि

(3) अधोदत्तान् शब्दान् परस्परं मेलयत- (निम्नलिखित शब्दों का परस्पर मेल कीजिए- Match the following.)

(क) शब्दार्थाः

‘क’ – ‘ख’
1. पृथ्वी – हस्ते
2. सद्भिः – दुर्जनैः
3. रविः – वहति
4. करे – वसुन्धरा
5. वाति – भानुः
6. लोके – सज्जनैः
7. असद्भिः – संसारे
उत्तराणि:
1. पृथ्वी-वसुन्धरा
2. सद्भिः-सज्जनैः
3. रविः-भानुः
4. करे-हस्ते
5. वाति-वहति
6. लोके-संसारे
7. असद्भिः-दुर्जनैः।

(ख) श्लोकांशा:’

‘क’ – ‘ख’
1. आहारे व्यवहारे च – (i) किं करिष्यति दुर्जनः।
2. विस्मयो न हि कर्त्तव्यो – (ii) बहुरत्ना वसुन्धरा।
3. मूरैः पाषाणखण्डेषु – (iii) त्यक्तलज्जः सुखी भवेत्।
4. शान्तिखड्गः करे यस्य – (iv) नासद्भिः किञ्चिदाचरेत्।
5. सद्भिर्विवाद मैत्री च – (v) रत्नसंज्ञा विधीयते।
उत्तराणि:
1. (iii) त्यक्तलज्जः सुखी भवेत्।
2. (ii) बहुरत्ना वसुन्धरा।
3. (v) रत्नसंज्ञा विधीयते।
4. (i) किं करिष्यति दुर्जनः।
5. (iv) नासद्भिः किञ्चिदाचरेत्।

(4) (क) मञ्जूषायाः सहायतया श्लोकस्य अन्वयं पूरयत- (मञ्जूषा की सहायता से श्लोक का अन्वय पूरा कीजिए- Complete the prose order of the shloka with help of the box.)

दाने तपसि शौर्ये च विज्ञाने विनये नये।
विस्मयो न हि कर्त्तव्यो बहुरत्ना वसुन्धरा॥
दाने तपसि ……… विज्ञाने विनये नये………….
… न हि कर्त्तव्यो …………. बहुरत्ना (अस्ति)।।
मञ्जूषा- विस्मयः, च, वसुन्धरा, शौर्ये
उत्तराणि:
शौर्ये, च विस्मयः, वसुन्धरा।

(ख) मञ्जूषायाः सहायतया श्लोकस्य भावार्थं पूरयत- (मञ्जूषा की सहायता से श्लोक का भावार्थ पूरा कीजिए- Complete the central idea of the verse with help of the box.)

‘क्षमावशीकृतिः’ लोके क्षमया किं न साध्यते।
यः जनः ………………. भवति, सर्वे जनाः तस्य ………………….भवन्ति। ……………….. एव सर्वाणि कार्याणि ………………..|
मञ्जूषा- क्षमा, वशे, क्षमाशीलः, साधयति।
उत्तराणि:
क्षमाशीलः, वशे, क्षमा, साधयति।

बहुविकल्पीयप्रश्नाः

(1) रेखाङ्कितपदम् आधृत्य उचितविकल्पेन प्रश्ननिर्माणं कुरुत। (रेखांकित पद के आधार पर उचित विकल्प द्वारा प्रश्न निर्माण कीजिए- On the basis of underlined words frame questions with the appropriate option.)

(i) पृथिव्यां त्रीणि रत्नानि। (कति, का, कानि)
उत्तराणि:
पृथिव्यां कति रत्नानि?

(ii) क्षमा वशीकृतिः लोके। (कुतः, कुत्र, का)
उत्तराणि:
क्षमा कुत्र वशीकृतिः?

(iii) विस्मयः न हि कर्त्तव्यः। (किम्, कः, का)
उत्तराणि:
कः न हि कर्त्तव्यः?

(iv) सर्वं सत्ये प्रतिष्ठितम्। (के, केन, कस्मिन्)
उत्तराणि:
सर्वं कस्मिन् प्रतिष्ठितम्?

(2) प्रदत्तेभ्यः विकल्पेभ्यः उचितं पदं चित्वा श्लोकांशान् पूरयत। (दिए गए विकल्पों से उचित पद चुनकर श्लोकांश पूरे कीजिए। Pick out the appropriate word from the options given and complete the following verses.)

(i) मूढः …………… रत्नसंज्ञा विधीयते। (धनधान्यप्रयोगेषु, पाषाणखण्डेषु, पृथिव्याम्)
उत्तराणि:
पाषाणखण्डेषु

(ii) सद्भिः कुर्वीत …………… । (सुभाषितम्, प्रतिष्ठितम्, सङ्गतिम्)
उत्तराणि:
सङ्गतिम्

(iii) …………… करे यस्य किं करिष्यति दुर्जनः। (क्षमाखड्गः, शान्तिखड्गः, क्षमावशीकृतिः)
उत्तराणि:
शान्तिखड्गः

(iv) सत्येन …………… पृथ्वी। (साध्यते, भवेत्, धार्यते)
उत्तराणि:
धार्यते

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 10 विश्वबंधुत्वम्

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NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Ruchira Chapter 10 विश्वबंधुत्वम्

Class 7 Sanskrit Chapter 10 विश्वबंधुत्वम् Textbook Questions and Answers

प्रश्न: 1.
उच्चारणं कुरुत- (उच्चारण कीजिए- Pronounce these.)

दुर्भिक्षे, राष्ट्रविप्लवे, विश्वबन्धुत्वम्
विश्वसन्ति उपेक्षाभावम्, विद्वेषस्य
ध्यातव्यम्, दुःखभाक्, प्रदर्शयन्ति
उत्तरम्-
छात्र ध्यानपूर्वक शुद्ध उच्चारण करें।

प्रश्न: 2.
मञ्जूषातः समानार्थकपदानि चित्वा लिखत- (मञ्जूषा से समान-अर्थ वाले शब्द चुनकर लिखिए Write synonyms by choosing from the box.)

परस्य, दुःखम्, आत्मानम्, बाधितः, परिवारः, सम्पन्नम् त्यक्त्वा, सम्पूर्णे

1. स्वकीयम् – ………………
2. अवरुद्धः – ………………
3. कुटुम्बकम् – ………………
4. अन्यस्य – ………………
5. अपहाय – ………………
6. समृद्धम् – ………………
7. कष्टम् – ………………
8. निखिले – ………………
उत्तरम्-
1. स्वकीयम् – आत्मानम्
2. अवरुद्धः – बाधित:
3. कुटुम्बकम् – परिवारः
4. अन्यस्य – परस्य
5. अपहाय – त्यक्त्वा
6. समृद्धम् – सम्पन्नम्
7. कष्टम् – दुःखम्
8. निखिले – सम्पूर्णे।

प्रश्नः 3.
रेखाङ्कितानि पदानि संशोध्य लिखत- (रेखांकित शब्दों को शुद्ध करके लिखिए- Correct and write the underlined words.)

(क) छात्राः क्रीडाक्षेत्रे कन्दुकात् क्रीडन्ति।
उत्तराणि:
छात्राः क्रीडाक्षेत्रे कन्दुकेन क्रीडन्ति।

(ख) ते बालिकाः मधुरं गायन्ति।
उत्तराणि:
ताः बालिकाः मधुरम् गायन्ति।

(ग) अहं पुस्तकालयेन पुस्तकानि आनयामि।
उत्तराणि:
अहं पुस्तकालयात् पुस्तकानि आनयामि।

(घ) त्वं किं नाम?
उत्तराणि:
तव किं नाम?

(ङ) गुरुं नमः।
उत्तराणि:
गुरवे नमः।

प्रश्न: 4.
मञ्जूषातः विलोमपदानि चित्वा लिखत- (मञ्जूषा से विलोम शब्दों को चुनकर लिखिए- Match the antonyms by choosing from the box.)

अधुना, मित्रतायाः, लघुचेतसाम्, गृहीत्वा, दुःखिनः, दानवाः

1. शत्रुतायाः – ………………
2. पुरा – ………………
3. मानवाः – ………………
4. उदारचरितानाम् – ………………
5. सुखिनः – ………………
6. अपहाय – ………………
उत्तराणि:
1. मित्रतायाः
2. अधुना
3. दानवाः
4. लघुचेतसाम्
5. दुःखिनः
6. गृहीत्वा।

प्रश्नः 5.
अधोलिखितपदानां लिङ्गं, विभक्तिं वचनञ्च लिखत- (अधोलिखित शब्दों के लिंग, विभक्ति और वचन लिखिए- Write the gender, inflexion and the number of words given below.)

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 10 विश्वबंधुत्वम् 1
उत्तराणि:
NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 10 विश्वबंधुत्वम् 2

प्रश्न: 6.
कोष्ठकेषु दत्तेषु शब्देषु समुचितां विभक्तिं योजयित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत- (कोष्ठकों में दिए गए शब्दों में उचित विभक्ति जोड़कर रिक्त स्थान भरिए- Fill in the blanks by using suitable inflexion in the words given in brackets.)

(क) विद्यालयम् उभयतः वृक्षाः सन्ति । (विद्यालय)
……………उभयतः गोपालिकाः । (कृष्ण)
उत्तराणि:
कृष्णम्

(ख) ग्रामं परितः गोचारणभूमिः । (ग्राम)
…………परितः भक्तः । (मन्दिर)
उत्तराणि:
मन्दिरम्

(ग) सूर्याय नमः । (सूर्य)
………… नमः । (गुरु)
उत्तराणि:
गुरवे

(घ) वृक्षस्य उपरि खगाः। (वृक्ष)
………… उपरि सैनिकः । (अश्व)
उत्तराणि:
अश्वस्य।

प्रश्नः 7.
कोष्ठकात् समुचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत- (कोष्ठक से उचित शब्द चुनकर रिक्त स्थान भरिए- Fill in the blanks by choosing suitable word from the bracket.)

(क) …… नमः । (हरि/हरये)
उत्तराणि:
हरये

(ख) …………. परितः कृषिक्षेत्राणि सन्ति। (ग्रामस्य/ग्रामम्)
उत्तराणि:
ग्रामम्

(ग) ………. नमः । (अम्बायाः/अम्बायै)
उत्तराणि:
अम्बायै

(घ) ………….. उपरि अभिनेता अभिनयं करोति । (मञ्चस्य/मञ्चम्)
उत्तराणि:
मञ्चस्य

(ङ) ………….उभयतः पुत्रौ स्तः। (पितरम्/पितुः)
उत्तराणि:
पितरम्।

Class 7 Sanskrit Chapter 10 विश्वबंधुत्वम् Additional Important Questions and Answers

(1) पाठांशम् पठत अधोदत्तान् प्रश्नान् च उत्तरत- (पाठांश पढ़िए और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए- Read the extract and answer the questions that follow.)

परन्तु अधुना निखिले संसारे कलहस्य अशान्तेः च वातावरणम् अस्ति । येन मानवाः परस्परं न विश्वसन्ति । ते परस्य कष्टं स्वकीयं कष्टं न गणयन्ति । अपि च समर्थाः देशाः असमर्थान् देशान् प्रति उपेक्षाभावं प्रदर्शयन्ति, तेषाम् उपरि स्वकीयं प्रभुत्वं च स्थापयन्ति । तस्मात् कारणात् संसारे सर्वत्र विद्वेषस्य, शत्रुतायाः, हिंसायाः च भावना दृश्यते । देशानां विकासः अपि अवरुद्धः भवति ।

I. एकपदेन उत्तरत

(i) के परस्परं न विश्वसन्ति?
उत्तराणि:
मानवाः

(ii) केषां विकासः अवरुद्धः?
उत्तराणि:
देशानाम्

(iii) अधुना संसारे कस्य वातावरणं दृश्यते?
उत्तराणि:
कलहस्य

(iv) मानवाः किं न गणयन्ति?
उत्तराणि:
परकीयं कष्टम् अथवा परकष्टम्

II. पूर्णवाक्येन उत्तरत

(i) संसारे सर्वत्र कीदृशी भावना दृश्यते?
उत्तराणि:
संसारे सर्वत्र विद्वेषस्य, शत्रुतायाः, हिंसायाः च भावना दृश्यते।

(ii) समर्थाः देशाः असमर्थान् देशान् प्रति कथं व्यवहरन्ति?
उत्तराणि:
समर्थाः देशाः असमर्थान् देशान् प्रति उपेक्षाभावं प्रदर्शयन्ति, तेषाम् उपरि स्वकीयं प्रभुत्वं स्थापयन्ति।

III. भाषिक कार्यम् –

1. ‘देशस्य विकासः अपि अवरुद्धः भवति’ इति वाक्ये –

(i) ‘भवति’ क्रियापदस्य कर्ता कः?
(देशस्य, विकासः, अवरुद्धः)
उत्तराणि:
विकासः

(ii) अत्र किम् अव्ययपदं प्रयुक्तम्?
उत्तराणि:
अपि

2. ‘निखिले संसारे’

अत्र किं विशेषणपदम् अस्ति?
उत्तराणि:
निखिले

3. यथानिर्देशम् रिक्तस्थानपूर्ति कुरुत

(i) गणयन्ति – धातुः – लकारः – पुरुषः – वचनम्
उत्तराणि:
गण, लट्, प्रथमपुरुषः, बहुवचनम्

(ii) हिंसायाः – मूलशब्दः – लिङ्गम् – विभक्तिः – वचनम्
उत्तराणि:
हिंसा, स्त्रीलिङ्गम्, षष्ठी, एकवचनम्

4. ‘तेषाम् उपरि’ – उपरि योगे का विभक्तिः प्रयुक्ता?
उत्तराणि:
षष्ठी विभक्तिः

5. (i) पर्याय लिखत- वैरस्य ……….
(ii) विपर्ययम् लिखत- अधः ………………….
उत्तराणि:
(i) शत्रुतायाः
(ii) उपरि

(2) परस्परमेलनं कुरुत- (परस्पर मेल कीजिए- Match the following.)

(क) पयार्यपदानि

(i) विश्वे – परित्यज्य
(ii) सूर्यस्य – अन्यः
(iii) वैरभावम् – स्वकीयः
(iv) अपहाय – संसारे
(v) निजः – शत्रुताम्
(vi) अपरः – भानोः
उत्तराणि:
(i) विश्वे – संसारे
(ii) सूर्यस्य – भानोः
(iii) वैरभावम् – शत्रुताम्
(iv) अपहाय – परित्यज्य
(v) निजः – स्वकीयः
(vi) अपरः – अन्यः

(ख) विपर्यायपदानि

(i) आदाय – उदारचरिताः
(ii) हिंसा – अविकसित
(iii) लघुचेतसः – परकीयम्
(iv) विकसितः – बन्धुत्वम्
(v) वैरभावः – अपहाय
(vi) स्वकीयम् – अहिंसा
उत्तराणि:
(i) आदाय – अपहाय
(ii) हिंसा – अहिंसा
(iii) लघुचेतसः – उदारचरिताः
(iv) विकसितः – अविकसित
(v) वैरभावः – बन्धुत्वम्
(vi) स्वकीयम् – परकीयम्

(3) शब्दरूपाणि धातुरूपाणि च पूरयत- (शब्दरूप और धातुरूप पूरे कीजिए- Complete the declension and conjugation.)

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 10 विश्वबंधुत्वम् 3
उत्तराणि:
NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 10 विश्वबंधुत्वम् 4

(1) प्रदत्तविकल्पेभ्यः उचितम् शब्दरूपं चित्वा वाक्यपूर्ति कुरुत- (दिए गए विकल्पों में से उचित शब्दरूप चुनकर वाक्यपूर्ति कीजिए- Complete the sentences by picking out the correct form from the words given.)

(क) (i) बालिका …….. सह खेलति। (बालिके, बालिकेभिः, बालिकाभिः)
उत्तराणि:
बालिकाभिः

(ii) पुत्रः ………….. सह पुस्तक-प्रदर्शनी गच्छति। (जनकस्य, जनकेन, जनक:)
उत्तराणि:
जनकेन

(iii) …………. परितः वनानि सन्ति। (ग्रामम्, ग्रामस्य, ग्राम:)
उत्तराणि:
ग्रामम्

(iv) ………….. उभयतः जनाः स्थिताः। (मार्गस्य, मार्गः, मार्गम्)
उत्तराणि:
मार्गम्

(v) ………. उपरि पिक: कूजति। (आम्रवृक्षम्, आम्रवृक्षस्य, आम्रवृक्षः)
उत्तराणि:
आम्रवृक्षस्य

(vi) ………….. नमः। (सूर्यम्, सूर्यः, सूर्याय)
उत्तराणि:
सूर्याय

(vii) अलम् ………… | (चिन्तायाः, चिन्ता, चिन्तया)
उत्तराणि:
चिन्तया

(ख) (i) यः ………… करोति सः बन्धुः भवति। (सहायता, सहायताम्, सहायतम्)
उत्तराणि:
सहायताम्

(ii) अधुना सर्वत्र …………. अभावः अस्ति। (शान्तस्य, शान्ति, शान्ते:)
उत्तराणि:
शान्तेः

(iii) सर्वत्र …………. भावना दृश्यते। (शत्रुता, शत्रुतायाः, शत्रुताम्)
उत्तराणि:
शत्रुतायाः

(iv) सर्वे देशाः परस्परं …….. समृद्धाः भविष्यन्ति। (सहयोगः, सहयोगेन, सहयोगम्)
उत्तराणि:
सहयोगेन

(v) प्रत्येकं देशः अपरेण देशेन सह ………. व्यवहारं कुर्यात्। (बन्धुत्वम्, बन्धुत्वेन, बन्धुत्वस्य)
उत्तराणि:
बन्धुत्वस्य

(vi) संसारे सर्वत्र कलहस्य …………. अस्ति।(वातावरणेन, वातावरणः, वातावरणम्)
उत्तराणि:
वातावरणम्

(vii) सूर्यस्य चन्द्रस्य च ……… सर्वत्र समानरूपेण प्रसरति।(प्रकाशाः, प्रकाशः, प्रकाशम्)
उत्तराणि:
प्रकाशः

(2) उचितविकल्पं प्रयोज्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत- (उचित विकल्प का प्रयोग करके प्रश्ननिर्माण कीजिए- Frame questions by using the correct option.)

(i) सर्वत्र हिंसायाः भावना दृश्यते। (कस्य, कस्याः , काः)
उत्तराणि:
सर्वत्र कस्याः भावना दृश्यते।

(ii) उदारचरितानाम् तु वसुधैव कुटुम्बकम्। (कस्य, केषाम्, कैः)
उत्तराणि:
केषाम् तु वसुधैव कुटुम्बकम्।

(iii) प्रकृतिः अपि सर्वेषु समत्वेन व्यवहरति। (कः, का, किम्)
उत्तराणि:
का अपि सर्वेषु समत्वेन व्यवहरति।

(iv) सर्वे देशाः मैत्रीभावनया समृद्धि प्राप्तुं समर्थाः भविष्यन्ति। (किं, कं, काम्)
उत्तराणि:
सर्वे देशाः मैत्रीभावनया काम प्राप्तुं समर्थाः भविष्यन्ति।

(v) अस्माभिः वैरभावम् अपहाय विश्वबन्धुत्वम् स्थापनीयम्। (किम्, कम्, काम्)
उत्तराणि:
अस्माभिः कम् अपहाय विश्वबन्धुत्वम् स्थापनीयम्।

(3) श्लोकस्य शुद्धं भावं चिनुत- (श्लोक का शुद्ध भाव चुनिए- Pick out the correct idea contained in the shloka.)

अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्।
उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्॥

(i) अयं स्वजनः अयं परजनः इति विचारः कर्त्तव्यः।
(ii) स्वजनेषु परजनेषु च अपि स्नेहः कर्त्तव्यः।
(iii) उदारजनाः मन्यन्ते यत् सकलः संसारः एकः परिवारः अस्ति। अत्र कोऽपि परः नास्ति। सर्वे स्वजनाः सन्ति।
उत्तराणि:
(iii) उदारजनाः मन्यन्ते यत् सकलः संसारः एकः परिवारः अस्ति। अत्र कोऽपि परः नास्ति। सर्वे स्वजनाः सन्ति।

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 8 त्रिवर्णः ध्वजः

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NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Ruchira Chapter 8 त्रिवर्णः ध्वजः

Class 7 Sanskrit Chapter 8 त्रिवर्णः ध्वजः Textbook Questions and Answers

प्रश्न: 1.
शुद्ध कथनस्य समक्षम् ‘आम्’ अशुद्ध कथनस्य समक्षं ‘न’ इति लिखत- (शुद्ध कथन के सामने ‘आम्’ और अशुद्ध कथन के सामने ‘न’ लिखिए- Write ‘आम्’ before a right sentence and ‘न’ before a wrong sentence.)

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 8 त्रिवर्णः ध्वजः 1
उत्तराणि:
(क) आम्
(ख) न
(ग) आम्
(घ) न
(ङ) आम्।

प्रश्न: 2.
अधोलिखितेषु पदेषु प्रयुक्तां विभक्तिं वचनं च लिखत- (निम्नलिखित शब्दों में प्रयुक्त विभक्ति और वचन लिखिए- Write the inflexion and number applied in words given below.)

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 8 त्रिवर्णः ध्वजः 2
उत्तराणि:
विभक्तिः – वचनम्
षष्ठी – एकवचनम्
षष्ठी – बहुवचनम्
षष्ठी – एकवचनम्
तृतीया – बहुवचनम्
षष्ठी – एकवचनम्
षष्ठी – बहुवचनम्
सप्तमी – एकवचनम्

प्रश्न: 3.
एकपदेन उत्तरत- (एक शब्द में उत्तर दीजिए- Write answers in one word.)

(क) अस्माकं ध्वजे कति वर्णाः सन्ति?
उत्तराणि:
त्रयः

(ख) त्रिवर्णे ध्वजे शक्त्याः सूचकः कः वर्णः?
उत्तराणि:
केशरवर्णः

(ग) अशोकचक्रं कस्य द्योतकम् अस्ति?
उत्तराणि:
प्रगते:

(घ) त्रिवर्णः ध्वजः कस्य प्रतीकः?
उत्तराणि:
राष्ट्रगौरवस्य ।

प्रश्न: 4.
एकवाक्येन उत्तरत- (एक वाक्य में उत्तर दीजिए- Write the answer in one sentence.)

(क) अस्माकं ध्वजस्य श्वेतवर्णः कस्य सूचकः अस्ति?
उत्तराणि:
अस्माकं ध्वजस्य श्वेतवर्णः शान्तेः सूचकः अस्ति ।

(ख) अशोकस्तम्भः कुत्र अस्ति?
उत्तराणि:
अशोक स्तम्भः सारनाथे अस्ति।

(ग) त्रिवर्णध्वजस्य उत्तोलनं कदा भवति?
उत्तराणि:
त्रिवर्णध्वजस्य उत्तोलनं स्वतंत्रतादिवसे गणतंत्रदिवसे च भवति।

(घ) अशोकचक्रे कति अराः सन्ति?
उत्तराणि:
अशोकचक्रे चतुर्विशतिः अराः सन्ति।

प्रश्नः 5.
अधोलिखितवाक्येषु रेखाङ्कितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत- (निम्नलिखित वाक्यों में रेखांकित शब्दों के आधार पर प्रश्न निर्माण कीजिए- Frame questions based on the underlined words.)

(क) अस्माकं त्रिवर्णध्वजः विश्वविजयी भवेत्।
उत्तराणि:
(क) अस्माकं कः विश्वविजयी भवेत् ?

(ख) स्वधर्मात् प्रमादं वयं न कुर्याम।
उत्तराणि:
स्वधर्मात् कम् । किम् वयं न कुर्याम?

(ग) एतत् सर्वम् अस्माकं नेतृणां सबुद्धेः सत्फलम्।
उत्तराणि:
एतत् सर्वम् अस्माकं नेतृणां कस्याः सत्फलम्?

(घ) शत्रूणां समक्ष विजयः सुनिश्चितः भवेत्।
उत्तराणि:
केषाम् समक्षं विजयः सुनिश्चितः भवेत् ?

प्रश्नः 6.
उदाहरणानुसारं समुचितैः पदैः रिक्तस्थानानि पूरयत- (उदाहरण के अनुसार उचित शब्दों से रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए- Fill in the blanks according to the example.)

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 8 त्रिवर्णः ध्वजः 3
उत्तराणि:
NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 8 त्रिवर्णः ध्वजः 4

प्रश्नः 7.
समुचितमेलनं कृत्वा लिखत। (उचित मिलान करके लिखिए। Match the appropriate words and sentences and then write.)

‘क’ – ‘ख’
केशरवर्णः – प्रगते: न्यायस्य च प्रवर्तकम्।
हरितवर्णः – 22 जुलाई 1947 तमे वर्षे जातम्।
अशोकचक्रम् – शौर्यस्य त्यागस्य च सूचकः।
त्रिवर्णः ध्वजः – सुषमायाः उर्वरतायाः च सूचकः।
त्रिवर्णध्वजस्य स्वीकरणं – स्वाधीनतायाः राष्ट्रगौरवस्य च प्रतीकः।
उत्तराणि:
‘क’ – ‘ख’
केशरवर्णः – शौर्यस्य त्यागस्य च सूचकः।
हरितवर्णः – सुषमायाः उर्वरतायाः च सूचकः।
अशोकचक्रम् – प्रगते: न्यायस्य च प्रवर्तकम्।
त्रिवर्णः ध्वजः – स्वाधीनतायाः राष्ट्रगौरवस्य च प्रतीकः।
त्रिवर्णध्वजस्य स्वीकरणं – 22 जुलाई 1947 तमे वर्षे जातम्।

Class 7 Sanskrit Chapter 8 त्रिवर्णः ध्वजः Additional Important Questions and Answers

(1) पाठांशं पठित्वा अधोदत्तान् प्रश्नान् उत्तरत- (पाठांश पढ़ कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए- Read the extract and answer the questions that follow.)

तेजिन्दर:- शुचे! ध्वजस्य मध्ये एकं नीलवर्णं चक्रं वर्तते?
शुचिः – आम् आम्। इदम् अशोकचक्रं कथ्यते। एतत् प्रगतेः न्यायस्य च प्रवर्तकम्। सारनाथे अशोकस्तम्भः अस्ति। तस्मात् एव एतत् गृहीतम्।
प्रणवः- अस्मिन् चक्रे चतुर्विंशतिः अराः सन्ति।
मेरी- भारतस्य संविधानसभायां 22 जुलाई 1947 तमे वर्षे समग्रतया अस्य ध्वजस्य स्वीकरणं जातम्।
तेजिन्दरः- अस्माकं त्रिवर्णः ध्वजः स्वाधीनतयाः राष्ट्रगौरवस्य च प्रतीकः। अत एव स्वतन्त्रतादिवसे गणतन्त्रदिवसे च अस्य ध्वजस्य उत्तोलनं समारोहपूर्वकं भवति।

I. एकपदेन उत्तरत- (एक शब्द में उत्तर दीजिए- Answer in a word.)

(i) ध्वजस्य मध्ये स्थितं चक्रं किं कथ्यते?
उत्तराणि:
अशोकचक्रम्

(ii) चक्रस्य वर्णः कः?
उत्तराणि:
नील:

(iii) राष्ट्रियध्वजे कति वर्णा:?
उत्तराणि:
त्रयः

(iv) अशोकचक्रं कस्मात् गृहीतम्?
उत्तराणि:
अशोक-स्तम्भात्

II. पूर्णवाक्येन उत्तरत- (पूर्ण वाक्य में उत्तर दें- Answer in complete sentence.)

(i) ध्वजस्य उत्तोलनं कदा भवति?
उत्तराणि:
स्वतन्त्रतादिवसे, गणतन्त्रदिवसे च ध्वजस्य उत्तोलनं भवति।

(ii) ध्वजस्य स्वीकरणम् कदा कुत्र च अभवत्?
उत्तराणि:
देशस्य संविधानसभा 22 जुलाई 1947 तमे वर्षे ध्वजस्य स्वीकरणम् अभवत्।

(iii) अस्माकं ध्वजः कस्य प्रतीक:?
उत्तराणि:
अस्माकं ध्वजः स्वाधीनतायाः राष्ट्रगौरवस्य च प्रतीकः।

II. भाषिक-कार्यम्
निर्देशानुसारं उत्तरत- (निर्देशानुसार उत्तर दें- Answer as directed.)
‘शुचे! ध्वजस्य मध्ये एक नीलवर्णं चक्रं वर्तते।’ इति वाक्ये –

(i) ‘वर्तते’ क्रियापदस्य कर्ता कः?
उत्तराणि:
चक्रम्

(ii) ‘चक्रम्’ पदस्य विशेषणम् किम्?
उत्तराणि:
एकम्/नीलवर्णम्

(iii) ‘मध्ये’ अत्र किम् विभक्तिः वचनम् च?
उत्तराणि:
सप्तमी विभक्तिः , एकवचनम्

(iv) ‘शुचे’ इति सम्बोधन-पदे मूलशब्दः कः?
उत्तराणि:
शुचि

(v) ‘अस्ति’ क्रियापदस्य कः पर्यायः अत्र प्रयुक्तः?
उत्तराणि:
वर्तते।

(2) प्रत्येकं स्तम्भात् एकैकं पदम् आदाय वाक्यानि रचयत- (प्रत्येक स्तम्भ से एक-एक पद लेकर वाक्य रचें- Take a word from each column and frame sentences.)
NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 8 त्रिवर्णः ध्वजः 5
उत्तराणि:
(i) प्राचार्यः ध्वजारोहणम् करिष्यति।
(ii) छात्राः सांस्कृतिक कार्यक्रमान् प्रस्तोष्यन्ति।
(iii) श्वेतवर्णः सत्यस्य सूचकः।
(iv) वयम् मोदकानि खादिष्यामः।
(v) अशोकचक्रम् प्रगतः न्यायस्य च प्रवर्तकम्।
(vi) हरितवर्णः समृद्धिम् सूचयति।
(vii) राष्ट्रियध्वजः त्रिवर्णः कथ्यते।

(3) मञ्जूषायाः पदानि विभक्ति-अनुसारेण उचितस्तम्भे लिखत- (मञ्जूषा के पद विभक्ति के अनुसार उचित स्तम्भ में लिखिए- Write down the words of the box in the appropriate column.)

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 8 त्रिवर्णः ध्वजः 6
शौर्यस्य, ध्वजे, एते, वसुन्धरायाः, सभायाम्, उत्तोलनम्, प्रगतेः, अन्ते, भारतम्, स्वतन्त्रतादिवसस्य, स्वतन्त्रतादिवसे, स्वतन्त्रतादिवस:
उत्तराणि:
NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 8 त्रिवर्णः ध्वजः 7

(1) प्रदत्तविकल्पेभ्यः उचितम् उत्तरं चित्वा एकपदेन उत्तरत- (प्रदत्त विकल्पों में से उचित उत्तर चुनकर एक पद में उत्तर दीजिए- Pick out the correct answer from the options given and answer in one word.)

(i) विद्यालयस्य प्राचार्यः किं करिष्यति? …………………………
(अशोकचक्रम्, ध्वजारोहणम्, समारोहम्)
उत्तराणि:
ध्वजारोहणम्

(ii) सारनाथे कः अस्ति?…………………………
(अशोकचक्रम्, अशोकस्तम्भः, राष्ट्रिय-ध्वजः)
उत्तराणि:
अशोकस्तम्भः

(iii) राष्ट्रियध्वजे कति वर्णा:?…………………………
(तिस्रः, त्रीणि, त्रयः)
उत्तराणि:
त्रयः

(iv) 22 जुलाई 1947 तमे वर्षे ध्वजस्य किम् अभवत्?…………………………
(उत्तोलनम्, स्वीकरणम्, महत्त्वम्)
उत्तराणि:
स्वीकरणम्

(v) कस्य मध्ये नीलवर्णं चक्रं वर्तते?…………………………
(भारतस्य, विद्यालयस्य, ध्वजस्य)
उत्तराणि:
ध्वजस्य

(vi) केशरवर्णः कस्य सूचक:?…………………………
(न्यायस्य, शौर्यस्य, सत्यस्य)
त्रिवर्णः ध्वजः। 87
उत्तराणि:
शौर्यस्य

(2) प्रदत्तविकल्पेभ्यः उचितम् शब्दरूपं चित्वा रिक्तस्थानपूर्ति कुरुत- (दिए गए विकल्पों से उचित शब्दरूप चुनकर रिक्तस्थान भरिए- Pick out the correct form of word from the options given and fill in the blanks.)

(i) अस्माकं ध्वजः अस्ति । (त्रिवर्णम्, त्रिवर्णः, त्रिवर्ण)
उत्तराणि:
त्रिवर्णः

(ii) मध्ये एकं नीलवर्णं चक्रम् अस्ति। (ध्वज, ध्वजे, ध्वजस्य)
उत्तराणि:
ध्वजस्य

(iii) अस्माकं प्राचार्यः ध्वजारोहणं करिष्यति। (विद्यालयः, विद्यालये, विद्यालयस्य)
उत्तराणि:
विद्यालयस्य

(iv) किं त्वम् .. वर्णानां नामानि जानासि? (एतानाम्, एताम्, एतेषाम्)
उत्तराणि:
एतेषाम्

(v) अस्य ध्वजस्य स्वीकरणम् जातम्। (संविधानसभायाम्, संविधानसभासु, संविधानसभाम्)
उत्तराणि:
संविधानसभायाम्

Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions कारकम्

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Sanskrit Vyakaran Class 7 Solutions कारकम्

कारक विभक्ति तथा उपपदविभक्तिः
1. कारक- जिन शब्दों का वाक्य में आई (प्रयोग की गई) क्रिया के साथ सीधा सम्बन्ध होता है, वे कारक कहलाते हैं। यथा-
‘रामः रावणं बाणेन मारयति।’ वाक्य में ‘मारयति’ (मारता है) क्रिया का सम्बन्ध, ‘रामः’ (राम) ‘रावणं’ (रावण को) ‘बाणेन’ (बाण द्वारा)-सभी पदों से है। ‘रामः’-क्रिया करने वाला-‘कर्ता’ (subject), ‘रावण’जिस पर क्रिया का प्रभाव-‘कर्म’ (object), बाणेन (बाण से),-क्रिया का साधन/उपकरण (instrument) करण कारक में है। इस वाक्य में मूल शब्द हैं-‘राम’, ‘रावण’ और ‘बाण’। क्रिया से सम्बन्ध के अनुसार वाक्य में इन शब्दों में रूपान्तरण आया है।

2. विभक्ति-संज्ञा शब्दों के साथ क्रिया के इस सम्बन्ध को प्रकट करने के लिए हम प्रत्ययों का प्रयोग करते हैं, वे विभक्ति कहलाती हैं। यथा- कर्त्ता में प्रथमा विभक्ति, कर्म में द्वितीया और करण में तृतीया आदि।

हिंदी भाषा में जिस अर्थ को दर्शाने हेतु ‘ने’, ‘को’ में ‘पर’ आदि परसर्ग का प्रयोग किया जाता है और आंग्ल भाषा में ‘to, for, in, at’ आदि prepositions प्रयोग में लाए जाते हैं, संस्कृत में विभक्ति का प्रयोग उसी अर्थ को दर्शाने के लिए किया जाता है।

यथा- छात्र को (to the student) = छात्रम्, छात्र के लिए (for the student) = छात्राय, वृक्ष पर (on the tree) = वृक्षे, वृक्ष का (of the tree) = वृक्षस्य आदि।

कारक तथा विभक्ति
कारक सात हैं और विभक्तियाँ भी सात होती हैं। सम्बोधन प्रथमा विभक्ति के समान होता है।
Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions कारकम् 1

कुछ वैयाकरण (व्याकरण के ज्ञाता लोग) सम्बन्ध (Genitive) को कारक नहीं मानते क्योंकि सम्बन्ध कारक का सम्बन्ध क्रियापद से न होकर वाक्य के दूसरे पद से होता है। यथा- ‘दशरथस्य पुत्रः वने अगच्छत्’ वाक्य में क्रियापद ‘अगच्छत्’ (गया) का सम्बन्ध ‘दशरथस्य’ से नही; यहाँ- ‘पुत्रः’ (कर्ता) है। ‘दशरथस्य’ का सम्बन्ध वाक्य के अन्य पद-‘पुत्रः’ से है।

कारक एवं विभक्तियों का प्रयोग
1. कर्ता कारक-प्रथमा विभक्ति – कार्य को करने वाला ‘कर्ता’ होता है। क्रिया के साथ इसका सीधा (मुख्य)सम्बन्ध होता है। कर्तृ वाच्य में क्रिया पद का रूप कर्ता के अनुसार होता है। यथा-
1. बालकः पठति। (बालक पढ़ता हैं।)
2. बालिकाः पाठम् पठन्ति। (बालिकाएँ पाठ पढ़ती हैं।)
3. पत्रम् पतति। (पत्ता गिरता है।)

2. कर्म कारक-द्वितीया विभक्ति – क्रिया (के द्वारा) जिस कार्य को किया जाता है, उसका फल जिस पर पड़ता है उसे ‘कर्म’ कहा जाता है। क्रिया के कार्य का फल कर्म पर आधारित होता है। ऐसा वाक्य ‘सकर्मक’ कहलाता है। यथा-
1. श्यामः पुस्तकम् पठति। [श्याम पुस्तक (को) पढ़ता है।]
2. सीता गीतम् गायति। [सीता गीत (को) गाती है।]
3. मित्रम् पत्रम् लिखति। [मित्र पत्र (को) लिखता है।]

3. करण कारक-तृतीया विभक्ति-क्रिया के साधन के रूप में अर्थात् जिससे कार्य किया जाता है, उसे ‘करण कारक’ कहते हैं। यथा-
1. छात्रः कन्दुकेन क्रीडति (छात्र गेंद से खेलता है।)
2. रमा कलमेन लिखति। (रमा कलम से लिखती है।)
3. शिशुः हस्तेन खादति। (बच्चा हाथ से खाता है।)

4. सम्प्रदान कारक-चतुर्थी विभक्ति – जिसके लिए अथवा जिसे कुछ दिया जाता है, उसमें ‘सम्प्रदान कारक’ होता है। यथा-
1. पितामहः भ्रमणाय गच्छति। (दादा जी भ्रमण के लिए जाते हैं)
2. माता पुत्राय भोजनम् यच्छति। (माता पुत्र के लिए भोजन देती है।)
3. शिष्यः अध्यापकाय पुस्तकम् यच्छति। (छात्र अध्यापक को पुस्तक देता है।)

5. अपादान कारक-पञ्चमी विभक्ति – पृथक् (अलग) होने के अर्थ में ‘अपादान कारक’ होता है। जिससे अलग हुआ जाता है, उसमें पञ्चमी विभक्ति का प्रयोग होता है। यथा-
1. आकाशात् वृष्टिः पतति। (आसमान से वर्षा गिरती है।)
2. वृक्षात् पत्राणि पतन्ति। (पेड़ से पत्ते गिरते हैं।)
3. पर्वतात् नदी निस्सरति । (पर्वत से नदी निकलती है।)

6. सम्बन्ध कारक-षष्ठी विभक्ति-जिससे दो या दो से अधिक का सम्बन्ध ज्ञात होता है अर्थात् स्व-स्वामी, जन्य-जनक और कार्य-कारण के रूप में ‘सम्बन्ध कारक’ का प्रयोग होता है। यथा-
1. रामः दशरथस्य पुत्रः आसीत्। (राम दशरथ के पुत्र थे।)
2. एषा वरुणस्य माता अस्ति। (यह वरुण की माता है।)
3. एतत् रजतस्य पात्रम् अस्ति। (यह चाँदी का बर्तन है।)

7. अधिकरण कारक-सप्तमी विभक्ति-कर्ता और कर्म से सम्बन्ध रखने वाली क्रिया के आधार को ‘अधिकरण कारक’ कहते हैं। यथा-
1. बाल: उद्याने क्रीडति (बालक बगीचे में खेलता है।)
2. वृक्षे वानराः कूर्दन्ति। (पेड़ पर बन्दर कूदते हैं।)।
3. कक्षायाम् छात्राः न सन्ति । (कक्षा में छात्र नहीं हैं।)

8. सम्बोधन-‘सम्बोधन’ कर्ता को ही पुकारा जाने वाला रूप होता है। अतः इसे कारक नहीं माना जाता है। इसे अष्टमी विभक्ति भी कहते हैं। यथा-
1. हे मातः! अहम् नमामि। (हे माँ! मैं नमस्कार करता हूँ।)
2. भोः छात्र! अत्र आगच्छ। (हे छात्र! यहाँ आओ।)
3. अये पुत्र! त्वं किं करोषि ?(अरे पुत्र! तुम क्या कर रहे हो?)

उपपद विभक्ति – जो विभक्ति किसी पद विशेष के योग में (अर्थात् किसी विशेष शब्द के साथ) आती है, उसे उपपद विभक्ति कहा जाता है; जैसे-‘प्रति’ के योग में द्वितीया उपपद विभक्ति होती है। द्वितीया विभक्ति से सप्तमी विभक्ति तक उपपद विभक्तियाँ होती हैं । अर्थात् विशेष पद के साथ लगने वाली विशेष विभक्ति को उपपद विभक्ति कहते हैं।

कुछ प्रमुख उपपद विभक्तियाँ उदाहरण सहित निम्न तालिका में दी जा रही हैं-
Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions कारकम् 2
Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions कारकम् 3

अभ्यासः

1. हिंदी भाषायाः वाक्यांशान् संस्कृत-भाषायाम् परिवर्तयत-
(हिंदी भाषा के वाक्यांशों को संस्कृत में बदलिए- Change the Hindi phrases into Sanskrit.)
1. वृक्षों को = ______________
2. बालक द्वारा = ______________
3. लताओं का = ______________
4. वृक्षों का = ______________
5. मुनि के लिए = ______________
6. पशुओं को = ______________
7. माता पर = ______________
8. पिता का = ______________
9. मेरा = ______________
10. तुम्हारा = ______________
उत्तरम्-
1. वृक्षान्
2. बालकेन
3. लतानाम्
4. वृक्षाणाम्
5. मुनये
6. पशून्
7. मातरि
8. पितुः
9. मम
10. तव

2. उचितं विकल्पं चित्वा वाक्यपूर्तिं कुरुत-
(उचित विकल्प चुनकर वाक्यपूर्ति कीजिए-Pick out the correct option and complete the sentences.)
1. छात्राः ______________ प्रति गच्छन्ति। (विद्यालयस्य, विद्यालयम्, विद्यालयः)
2. ______________ उभयतः जनाः स्थिताः। (मार्गम्, मार्गस्य, मार्गेण)
3. गुरुः ______________ पृच्छति। (शिष्यात्, शिष्येन, शिष्यम्)
4. ______________ बहिः कुक्कुरः तिष्ठति। (गृहस्य, गृहात्, गृहम्)
5. ______________ उपरि ध्वजा शोभते। (भवनम्, भवनस्य, भवने)
6. माता ______________ स्निह्यति। (पुत्रम्, पुत्रेण, पुत्रे)
7. ______________ नमः। (अध्यापिकाम्, अध्यापिकायै, अध्यापिकया)
8. अम्बा ______________ सह गच्छति। (कन्यायाः, कन्याम्, कन्यया)
9. अहम् ______________ त्रस्यामि। (अन्धकारे, अन्धकारात्, अन्धकारेण)
10. वृक्षाः ______________ फलानि यच्छन्ति। (सर्वान्, सर्वाय, सर्वेभ्यः)
उत्तरम्-
1. विद्यालयम्
2. मार्गम्
3. शिष्यम्
4. गृहात्
5. भवनस्य
6. पुत्रे
7. अध्यापिकायै
8. कन्यया
9. अन्धकारात्
10. सर्वेभ्यः

3. कोष्ठकदत्तस्य शब्दस्य उचितं रूपं प्रयुज्य वाक्यानि पूरयत।
(कोष्ठकदत्त शब्द में उचित विभक्ति लगाकर वाक्य पूरे कीजिए। Complete the sentences by using the correct form of the word given in bracket.)
(क) 1. अलं ______________। (विवाद)
2. ______________ अलम्। (रावण)
3. रामः ______________ आम्रं रोचते। (बालक)
4. ______________ परितः शिष्याः सन्ति। (गुरु)
5. त्वं ______________ निपुणः। (किक्रेट-खेले)
उत्तरम्-
1. विवादेन
2. रावणाय
3. बालकाय
4. गुरुम्
5. क्रिकेट-खेले।

(ख) 1. मध्याह्ने छात्राः ______________ आगच्छन्ति। (विद्यालय)
2. जनक ______________ आगमिष्यति। (रविवासर)
3. ______________ सदस्याः मिलित्वा भोजनम् अकुर्वन्। (परिवार)
4. ______________ जलम् मलिनम् जातम्। (नदी)
5. ______________ नौका तरति। (नदी)
6. ______________ खगाः नीडम् रचयन्ति। (वृक्ष)
7. प्रधानाचार्यः ______________ पुरस्कारम् अयच्छत्। (छात्रा)
8. भक्तः ______________ फलानि आनयति। (मुनि)
9. ______________ खगाः उपविशन्ति। (शाखा)
10. वयम् ______________ नमामः। (गुरु)
उत्तरम्-
1. विद्यालयात्
2. रविवासरे
3. परिवारस्य
4. नद्याः
5. नद्याम्
6. वृक्षे / वृक्षेषु
7. छात्रायै
8. मुनये
9. शाखायाम्
10. गुरुम्।